शुक्रवार, अक्टूबर 30, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
Advertisement
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
30th अक्टूबर 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

गढ़वाली बोली में सजी महाभारत की रणभूमि, चक्रव्यूह मंचन देखने उमड़े सैकड़ों लोग

शेयर करें !
posted on : अक्टूबर 30, 2026 4:49 अपराह्न
  • अक्षत नाट्य संस्था की प्रस्तुति ने जीवंत किया अभिमन्यु के शौर्य और कौरवों की युद्धनीति का प्रसंग

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में पहली बार गढ़वाली बोली में चक्रव्यूह का मंचन किया गया। अक्षत नाट्य संस्था के तत्वावधान में डॉ. डीआर पुरोहित के दिशा-निर्देशन में प्रस्तुत इस नाट्य मंचन को देखने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से सैकड़ों लोग पहुंचे। महाभारत के युद्ध में रचे गए चक्रव्यूह और उसमें अभिमन्यु के प्रवेश की कथा को स्थानीय बोली में मंच पर उतारकर कलाकारों ने दर्शकों को महाभारत के एक महत्वपूर्ण प्रसंग से रूबरू कराया।

क्या होता है चक्रव्यूह

महाभारत में चक्रव्यूह एक जटिल युद्ध-रचना थी, जिसे शत्रु सेना को घेरने, भ्रमित करने और उसके योद्धाओं को अलग-थलग करने के उद्देश्य से बनाया जाता था। इसकी संरचना कई घेरों वाली मानी जाती है। इसमें प्रवेश करना जितना कठिन था, उससे बाहर निकलना उससे भी अधिक चुनौतीपूर्ण था। इसे भेदने के लिए युद्धकौशल, रणनीति और व्यूह की बनावट का गहरा ज्ञान जरूरी था।

महाभारत के कुरुक्षेत्र युद्ध में कौरव सेना ने पांडवों को कमजोर करने के उद्देश्य से चक्रव्यूह की रचना की थी। अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु को चक्रव्यूह में प्रवेश करने की विधि का ज्ञान था, लेकिन उससे बाहर निकलने की पूरी प्रक्रिया का ज्ञान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने युद्धभूमि में प्रवेश कर कौरव सेना के महारथियों का सामना किया। चक्रव्यूह में घिरने के बाद अनेक महारथियों से संघर्ष करते हुए अभिमन्यु वीरगति को प्राप्त हुए। यह प्रसंग महाभारत के सबसे मार्मिक और वीरतापूर्ण प्रसंगों में गिना जाता है।

गढ़वाली भाषा में प्रस्तुत हुआ महाभारत का प्रसंग

गोपेश्वर में हुए मंचन की खासियत महाभारत के इस प्रसंग को गढ़वाली बोली में प्रस्तुत करना रहा। स्थानीय भाषा के माध्यम से कथा को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। डॉ. डीआर पुरोहित के निर्देशन में अक्षत नाट्य संस्था की इस प्रस्तुति को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना आयोजन के प्रति दर्शकों की रुचि को दर्शाता है।

 

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/10/SWAROJGAR-EVAM-UDYAMITA-YOJANA_compressed.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/10/हर-दिशा-से-जुड़-रहा-_उत्तराखंड_-2.00-MIN_compressed.mp4

हाल के पोस्ट

  • उत्तराखंड का ₹7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, किसानों से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान
  • अल्मोड़ा का GB पंत संस्थान ICIMOD की गतिविधियों का करेगा समन्वय
  • पौड़ी में बोर्ड परीक्षा-2027 के लिए 126 परीक्षा केंद्र निर्धारित
  • कोटद्वार पुलिस ने लुधियाना से गुमशुदा महिला और बच्चे को किया बरामद
  • कोटद्वार : शराब पीकर हुड़दंग करने वाले 08 व्यक्तियों के चालान
  • अमित शाह पर टिप्पणी के 8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी
  • पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं, सभी सुरक्षित
  • उत्तराखण्ड : अंगद बिष्ट ने MMA फाइट में फिलीपींस के फाइटर को दी मात
  • कोटद्वार के मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन, जीते 11 पदक
  • उत्तराखण्ड : मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर महंदी से मांगी माफी
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.