posted on : दिसम्बर 13, 2021 5:16 अपराह्न
कोटद्वार। हिंदी के प्रथम डीलिट डॉ.पीतांबर दत्त बड़थ्वाल की 120वीं जयंती के सुअवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार की प्राचार्य डॉ. जानकी पंवार ने पीतांबर दत्त बड़थ्वाल की मूर्ति पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए उनका भावपूर्ण स्मरण किया। प्राचार्य के साथ समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने उनको भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की ।
श्रद्धांजलि देने के उपरान्त प्राचार्य जानकी पंवार ने छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ. पीताम्बर दत्त की जीवन-यात्रा पर प्रकाश डाला और छात्रों को उनका साहित्य पढ़ने की प्रेरणा प्रदान की। उन्होंने बताया कि पीतांबर दत्त बड़थ्वाल का जन्म 13 दिसंबर 1901 को लैंसडाउन के पाली गांव और मृत्यु 24 जुलाई 1944 को हुई थी। अपने अल्प समय में ही उन्होंने अनेक ग्रंथों की रचना कर दी थी। मुख्य वक्ता डॉ अर्चना रानी ने उन पर लिखी स्वलिखित कविता का वाचन किया। इसके बाद प्राचार्य के संरक्षण में महाविद्यालय पर पीतांबर दत्त बड़थ्वाल का हिंदी साहित्य में योगदान विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता में डॉ. संत कुमार राजनीति विभाग, डॉ. सोमेश ढौंडियाल अंग्रेजी विभाग, डॉ. प्रियम अग्रवाल संस्कृत विभाग ने निर्णायक की भूमिका निभाई।कॉलेज के छात्रों ने प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।किरन नेगी बी. ए. तृतीय वर्ष प्रथम स्थान, स्वाति कंडवाल बी. ए. प्रथम वर्ष द्वितीय स्थान,और निकिता बी. ए. प्रथम वर्ष, गुंजन बिष्ट बी. एस. सी. द्वितीय वर्ष ने संयुक्त रूप से प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर डॉ. सीमा चौधरी, डॉ. महन्त मौर्य, डॉ. ऋचा जैन, डॉ. प्रियंका अग्रवाल, डॉ. मानसी, डॉ. सुमन कुकरेती, डॉ. दीक्षित कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. संत कुमार, डॉ. अंकेश, डॉ. मुकेश रावत, उमेश खुगशाल आदि और महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे ।




