ज्योतिर्मठ : चातुर्मास्य व्रत एवं साधना के पावन क्रम में आयोजित शिवपुराण कथा को सुनने के लिए श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब शंकराचार्य मठ में उमड़ रहा है. दिव्य भजनों और शिव महानाम के संकीर्तन से पूरा कथा स्थल शिवमय हो उठा है
कथा व्यास विजय सेमवाल ने पंचम दिवस की कथा सुनाते हुए भगवान शिव के दिव्य अवतारों, उनके मंगलमय चरित्र और शिव भक्ति के गूढ़ रहस्यों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शिव की शरण में आने मात्र से साधक के सभी कायिक, वाचिक और मानसिक पाप नष्ट हो जाते हैं। शिव भक्ति ही जीव को मोक्ष का मार्ग दिखाती है। कथा में मुख्य यजमान रूप मे ज्योतिर्मठ पुनागैर निवासी नौटियाल परिवार से सौरभ नौटियाल, गौरव नौटियाल ,अमर नौटियाल परिवार सहित इस शिवपुराण कथा में अपने पितरों की मोक्ष कामना और परिवार की खुशहाली समृद्धि के लिए विशेष सहयोग दे रहे हैं
कथा के उपरांत आशीर्वचन देते हुए स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरि जी महाराज ने कहा कि निष्काम भाव से की गई शिव पूजा ही सच्ची भक्ति है। यही भक्ति मनुष्य को भवसागर से पार उतारती है और जीवन को कल्याणकारी बनाती है।
इस अवसर पर ज्योतिर्मठ के व्यवस्थापक विष्णुप्रियानन्द ब्रह्मचारी, कुशलानन्द बहुगुणा, महिमानन्द उनियाल, जगदीश उनियाल, नगर पालिका अध्यक्षा देवश्वरी शाह, रोहिणी रावत, आरती उनियाल, सरिता उनियाल सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कथा के समापन पर भव्य आरती उतारी गई और सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। शिवपुराण कथा को सुनने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे और पूरे वातावरण में शिव भक्ति का माहौल बना रहा।



