गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर के निकटवती गांव सेटूणा के नीचले हिस्से में हो रहे लगातार भूधसाव के कारण पूरा गांव को खतरे की जद में आ गया है। कई परिवारों के खेत खलिहान तो पूरी तरह से नष्ट हो गये है। और मकानों में भी दरार आ गयी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार प्रशासन से गांव के नीचले हिस्से में सुरक्षा दीवार बनाने जाने की गुहार लगायी गई है लेकिन अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
स्थानीय निवासी धनसिंह घरिया, माधो सिंह सूरज धारकोली, विनोद सिंह व कुंदन सिंह का कहना है कि 2013 की आपदा में गांव के नीचले हिस्से में भूधसाव शुरू हो गया था जो निरंतर जारी है। जिससे उनकी काश्तकारी की भूमि भी नष्ट हो गई है। यहां तक की कुछ घरों के आगे के खलिहान भी इसकी जद में आ गये है। भूधसाव के कारण कई मकानों पर दरारे आ गयी है जो कभी भी धराशाही हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में आपदा प्रंबधन से लेकर प्रशासन तक कई बार पत्राचार किया गया है लेकिन कोई उचित कार्रवाई नहीं गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में तो लोगों को रात बैठ कर गुजारनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन यदि गांव के नीचले हिस्से में सुरक्षा दीवार बना देता है तो गांव को खतरे से बचाया जा सकता है।
इधर आपदा प्रबंधन अधिकारी चमोली नंदकिशोर जोशी का कहना है कि सेटूणा गांव का करवाया जायेगा। गांव के नीचले हिस्से में हो रहे भूधसाव को रोकने के लिए जो भी कारगर उपाय हो सकेंगे किया जाएगा।




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