सोमवार, जून 15, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
Advertisement
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
15th जून 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

पहाड़ में वरदान बनी 1962 मोबाइल वेटेरिनरी सेवा, एक कॉल में घर पहुंच रहे पशु चिकित्सक, पौड़ी में अब तक 44 हजार से अधिक पशुओं का उपचार

शेयर करें !
posted on : जून 14, 2026 11:07 अपराह्न
  • एक फोन कॉल पर घर पहुंच रहा पशु चिकित्सक, 1962 सेवा बनी पशुपालकों की भरोसेमंद साथी
  • पहाड़ के दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही पशु स्वास्थ्य सेवाएं, हजारों पशुओं का हुआ सफल उपचार
  • मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट से समय पर इलाज मिलने से पशुपालकों को मिल रही बड़ी राहत

पौड़ी : पहाड़ के दूरस्थ और दुर्गम गांवों में बीमार पशुओं का समय पर उपचार कभी पशुपालकों के लिए बड़ी चुनौती हुआ करता था। पशु चिकित्सालयों की दूरी और परिवहन संबंधी कठिनाइयों के कारण कई बार पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती थी, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। मात्र एक फोन कॉल पर पशु चिकित्सक स्वयं पशुपालकों के घर-द्वार तक पहुंचकर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। 1962 मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट सेवा जनपद पौड़ी में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की नयी पहचान बनकर उभरी है।

केंद्र सरकार की राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत संचालित इस सेवा का शुभारंभ प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया था। वर्तमान में जनपद पौड़ी के द्वारीखाल, एकेश्वर, जयहरीखाल, कल्जीखाल, नैनीडांडा, पाबौ, पौड़ी तथा थलीसैंण विकासखंडों में आठ मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट संचालित की जा रही हैं। शेष विकासखंडों में भी इस सेवा के विस्तार के प्रयास किए जा रहे हैं। इन यूनिटों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों को उनके घर-द्वार पर ही निःशुल्क पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सेवा का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को केवल पशुपालन विभाग के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल करनी होती है। कॉल प्राप्त होने के बाद शिकायत संबंधित मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट को प्रेषित की जाती है, जिसके पश्चात चिकित्सकीय दल निर्धारित स्थान पर पहुंचकर पशुओं का उपचार करता है। प्रत्येक यूनिट में एक पशु चिकित्सक और एक पैरावेट कर्मचारी तैनात है। साथ ही वाहन आवश्यक दवाइयों एवं आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित हैं।

योजना की उपयोगिता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि जनपद में अब तक 59,336 कॉल प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें 27,850 कॉल पशुओं के उपचार से संबंधित रही हैं, जबकि अन्य कॉल पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं तकनीकी परामर्श से जुड़ी थीं। अब तक 44,973 पशुओं का सफल उपचार किया जा चुका है, जिससे हजारों पशुपालकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि 1962 मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट सेवा का उद्देश्य पशुपालकों को त्वरित, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस पहल से दूरस्थ गांवों में रहने वाले पशुपालकों को भी समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल रही है। पशुओं में होने वाले रोगों का शीघ्र उपचार होने से उनकी उत्पादकता बढ़ी है तथा पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान में कमी आयी है।

उन्होंने बताया कि जनपद में इस सेवा को लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और बड़ी संख्या में पशुपालक इसका लाभ उठा रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि भविष्य में शेष विकासखंडों में भी मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट का संचालन शुरू किया जाए। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि पशुओं के बीमार होने पर वे बिना किसी संकोच के 1962 हेल्पलाइन पर संपर्क कर निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाएं।

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1-1.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • उत्तराखंड ने रचा इतिहास, नेपाल को भेजा 05 टन हिमालयन ट्राउट मछली का पहला निर्यात कंसाइनमेंट, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने वर्चुअली दिखाई हरी झंडी, मत्स्य पालकों के लिए खुले अंतरराष्ट्रीय बाजार के द्वार
  • देवरियाताल-चोपता ट्रेक मार्ग पर भटके पांच ट्रैकर्स का सफल रेस्क्यू
  • खटीमा में “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने गिनाई केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां
  • उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा सकुशल रूप से हुई सम्पन्न
  • खटीमा में प्रबुद्ध वर्ग बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सहभागिता का किया आह्वान
  • गर्मी से राहत का ठिकाना बना गुच्चुपानी, वीकेंड पर उमड़ रही पर्यटकों की भीड़; सैलानियों को अपनी ओर खींच रहीं प्राकृतिक गुफाएं, ठंडा जल और मनमोहक वादियां
  • पहाड़ में वरदान बनी 1962 मोबाइल वेटेरिनरी सेवा, एक कॉल में घर पहुंच रहे पशु चिकित्सक, पौड़ी में अब तक 44 हजार से अधिक पशुओं का उपचार
  • देहरादून में पानी के विवाद को लेकर खूनी झड़प, हत्या के बाद आरोपी के घर पर चला बुलडोजर
  • स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर रोटरी क्लब करेगा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित
  • देवरियाताल-चोपता ट्रेक मार्ग पर भटके पांच ट्रैकर्स का सफल रेस्क्यू
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.