ज्योतिर्मठ । राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्योतिर्मठ के एडुसैट सभागार में मंगलवार को गढ़वाल राइफल्स/स्काउट्स के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर भारतीय सेना के जांबाजों ने युवाओं और एन.सी.सी. कैडेट्स के साथ संवाद कर उनमें देशभक्ति और राष्ट्र सेवा का जज्बा भरा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गढ़वाल राइफल्स के मेजर अभिषेक महाले ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के रणनीतिक महत्व और भारतीय सेना के पराक्रम पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मेजर महाले ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से पहलगाम में हुए आतंकी हमले की वीभत्सता को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद ने निर्दोष और निहत्थे नागरिकों को निशाना बनाया था। उन्होंने गौरव के साथ उल्लेख किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सुरक्षाबलों ने न केवल इस कायरतापूर्ण हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया, बल्कि आधुनिकतम तकनीक का सटीक प्रयोग करते हुए सीमा पार संचालित आतंकी संगठनों, उनके आकाओं और उन्हें शह देने वाली पाकिस्तानी सेना व वायुसेना की कमर तोड़ दी। उन्होंने कहा कि सैन्य इतिहास में यह ऑपरेशन असाधारण वीरता और सफल रणनीति का बेजोड़ उदाहरण है।
विद्यार्थियों और सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के एन.सी.सी. कैडेट्स को संबोधित करते हुए मेजर महाले ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भारतीय सेना को केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि देश सेवा के उत्कृष्ट माध्यम के रूप में चुनें। उन्होंने तकनीकी रूप से सक्षम और साहसी युवाओं को सेना का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया।
इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के एन.सी.सी. अधिकारी लेफ्टिनेंट राजेन्द्र सिंह राणा द्वारा मेजर महाले और उनकी टीम को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपालकृष्ण सेमवाल ने सेना की इस पहल की सराहना करते हुए मेजर महाले और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण और उनमें राष्ट्रीय चेतना जागृत करने में मदद मिलती है।
इस अवसर पर हवलदार नरेंद्र सिंह, लांस नायक पंकज चौधरी, लांस नायक दीपक नौटियाल, विद्या मंदिर के एन.सी.सी. अधिकारी लेफ्टिनेंट भरत सिंह भंडारी, डॉ. नवीन कोहली, डॉ. धीरेंद्र सिंह, डॉ. नंदन सिंह, डॉ. नवीन पंत, छात्र संघ अध्यक्ष दिव्यांशु सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षक, कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





