मंगलवार, अप्रैल 28, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
Advertisement
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
28th अप्रैल 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

माँ बगलामुखी जयंती : भक्ति, विजय और सामाजिक एकता का संगम; माजरी माफी से बनखंडी तक गूंजा जयकारा, भंडारे में उमड़ा आस्था का सैलाब

शेयर करें !
posted on : अप्रैल 28, 2026 1:15 अपराह्न

 

  • माँ पीताम्बरा बगलामुखी की छांव में शक्ति का उत्सव

देहरादून। उत्तराखंड की धरती पर 24 अप्रैल 2026 को आस्था, ऊर्जा और एकता का दुर्लभ संगम देखने को मिला। माँ बगलामुखी जयंती के अवसर पर देहरादून के माजरी माफी, मोहकमपुर स्थित माँ पीताम्बरा बगलामुखी शक्ति सिद्धपीठ में आयोजित समारोह ने भक्ति को उत्सव में और उत्सव को जन-आस्था के महाकुंभ में बदल दिया। मंदिर परिसर श्रद्धा से सराबोर था, जहां हजारों भक्तों ने माँ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और सामूहिक भंडारे में शामिल होकर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की।

देहरादून के मोहकमपुर (मजारी माफी) में स्थित माँ पीताम्बरा बगलामुखी शक्ति सिद्धपीठ एक पवित्र धार्मिक स्थल है, जो माता बगलामुखी (दस महाविद्याओं में से आठवीं) को समर्पित है। यह मंदिर शत्रुओं पर विजय, कानूनी मामलों में सफलता और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ माता बगलामुखी को पीला रंग, वस्त्र और भोग प्रिय हैं, इसलिए इसे ‘पीताम्बरा पीठ’ कहा जाता है।

भक्ति की रोशनी में नहाया शक्तिपीठ
सुबह से ही माँ पीताम्बरा बगलामुखी शक्ति सिद्धपीठ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा-अर्चना और हवन से आयोजन का शुभारंभ हुआ। फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंदिर दूर से ही आकर्षण का केंद्र बना रहा। “जय माँ बगलामुखी” के जयकारों से गूंजता परिसर एक अलौकिक ऊर्जा का अहसास करा रहा था। भंडारे में हर वर्ग के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, यही इस आयोजन की सबसे बड़ी खूबसूरती रही। मंदिर समिति और स्थानीय समाजसेवकों की सधी हुई व्यवस्था ने इसे अनुशासन और सेवा का आदर्श उदाहरण बना दिया।

आस्था देती है आत्मबल : आचार्य राकेश नौटियाल
माँ पीताम्बरा बगलामुखी शक्ति सिद्धपीठ के संचालक व उपासक प्रख्यात ज्योतिषाचार्य आचार्य राकेश नौटियाल ने कहा कि माँ बगलामुखी की उपासना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मबल और मानसिक स्थिरता का स्रोत है। उनके शब्दों में “माँ बगलामुखी शत्रु-विनाश की ही नहीं, बल्कि संयम, साहस और विजय की अधिष्ठात्री हैं। उनकी कृपा से व्यक्ति हर संकट में अडिग रह सकता है।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह आयोजन साल-दर-साल लोगों को जोड़ने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा भरने का माध्यम बन रहा है।

शक्ति, विजय और तेज का प्रतीक
माँ पीताम्बरा बगलामुखी शक्ति सिद्धपीठ के संचालक व उपासक ज्योतिषाचार्य आचार्य राकेश नौटियाल ने कहा दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या माँ बगलामुखी को “पीताम्बरा देवी” कहा जाता है। पीला रंग, ऊर्जा, समृद्धि और विजय का प्रतीक उनकी उपासना का केंद्र है। मान्यता है कि उनकी कृपा से वाणी पर नियंत्रण, निर्णय क्षमता में मजबूती और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। तंत्र साधना में उनका विशेष स्थान है, जहां उनकी आराधना को बाधाओं के निवारण और आत्मिक उन्नति का प्रभावी माध्यम माना जाता है।

बनखंडी से जुड़ी आस्था की प्राचीन धारा
उत्तराखंड के बनखंडी गांव स्थित माँ बगलामुखी मंदिर इस परंपरा का प्राचीन केंद्र माना जाता है। लोक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान इसकी स्थापना की थी। अर्जुन और भीम द्वारा यहां साधना कर शक्ति प्राप्त करने की कथाएं आज भी जनविश्वास में जीवित हैं।
धार्मिक संदर्भ बताते हैं कि ब्रह्मा, विष्णु और परशुराम जैसे देव-पुरुषों ने भी माँ की आराधना कर विजय प्राप्त की यही कारण है कि उन्हें ‘शत्रु नाशिनी’ के रूप में भी पूजा जाता है।

संकट से समाधान तक का विश्वास
माँ पीताम्बरा बगलामुखी शक्ति सिद्धपीठ के संचालक व उपासक प्रख्यात ज्योतिषाचार्य आचार्य राकेश नौटियाल ने कहा वैशाख शुक्ल अष्टमी को मनाई जाने वाली माँ बगलामुखी जयंती को विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन की पूजा को शत्रु बाधा, न्यायिक विवाद और मानसिक तनाव से मुक्ति का माध्यम माना जाता है। देशभर के शक्तिपीठों में इस दिन हवन और विशेष अनुष्ठान होते हैं, माजरी माफी इसका जीवंत उदाहरण बना।

पूजा में पीत वर्ण का प्रभाव
प्रख्यात ज्योतिषाचार्य आचार्य राकेश नौटियाल ने कहा माँ की आराधना में पीले रंग का विशेष महत्व है। पीले वस्त्र, हल्दी, चने की दाल और पीले फूल—ये सभी पूजा के अभिन्न अंग हैं। हवन में पीली सरसों और घी का प्रयोग किया जाता है। यह परंपरा केवल प्रतीक नहीं, बल्कि ऊर्जा और सकारात्मकता का सांस्कृतिक विज्ञान भी है।

आस्था के सरल उपाय, जीवन के बड़े समाधान
जयंती के दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय बड़े परिणाम देने वाले माने जाते हैं, पीली सरसों से हवन, बगलामुखी कवच का पाठ, और विशेष आहुतियां- ये सब शत्रु शमन, न्यायिक सफलता और स्वास्थ्य लाभ से जोड़े जाते हैं। पारिवारिक शांति, व्यापारिक उन्नति और मानसिक संतुलन के लिए भी इस दिन किए गए उपायों पर लोगों का गहरा विश्वास है।

जब भक्ति बनती है सामाजिक शक्ति
प्रख्यात ज्योतिषाचार्य आचार्य राकेश नौटियाल ने कहा पीताम्बरा बगलामुखी शक्तिपीठ में यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, सामाजिक चेतना का भी उत्सव बन गया। भंडारे में साथ बैठकर भोजन करना, हर वर्ग की भागीदारी और सेवा की भावना- ये सब मिलकर एक ऐसे समाज की तस्वीर पेश करते हैं, जहां आस्था जोड़ती है, बांटती नहीं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय उपस्थिति ने यह साबित किया कि ऐसे आयोजन पीढ़ियों को जोड़ने की ताकत रखते हैं।

आस्था से आत्मबल तक की यात्रा
आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धी दौर में माँ बगलामुखी जयंती जैसे पर्व केवल परंपरा नहीं, बल्कि आत्मबल का आधार हैं। यह पर्व सिखाता है कि सच्ची शक्ति भीतर से आती है—और आस्था उसे जगाने का माध्यम है।

भक्ति का उत्सव, एकता का संदेश
माँ बगलामुखी जयंती ने यह सिद्ध कर दिया कि जब भक्ति और समाज एक साथ चलते हैं, तो ऊर्जा केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहती, वह पूरे समाज को रोशन करती है। माजरी माफी का माँ पीताम्बरा बगलामुखी शक्ति सिद्धपीठ इस दिन आस्था, सेवा और समर्पण का जीवंत केंद्र बन गया—जहां हर चेहरे पर विश्वास था और हर मन में एक ही कामना- माँ की कृपा से जीवन में शांति, शक्ति और विजय बनी रहे।

 

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1-1.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • देहरादून के विकास का नया ब्लूप्रिंट, 968 करोड़ के बजट संग शहर को मिलेगा आधुनिक स्वरूप, एमडीडीए की 113वीं बोर्ड बैठक में जनहित, हरियाली और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस
  • डीएम नितिका खण्डेलवाल का टिहरी में सड़क हादसों पर सख्त एक्शन, संवेदनशील मार्गों पर भूस्खलन उपचार के निर्देश
  • देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर से सीएम धामी ने दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे में तय किया, बोले, ये नए भारत की तेज रफ्तार है
  • महिला सशक्तिकरण के प्रयासों पर न हो किसी भी प्रकार की राजनीति – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
  • डीएम गौरव कुमार ने ली जिलास्तरीय पुनरीक्षण समिति की समीक्षा बैठक, डीएलआरसी बैठक में ऋण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
  • ITI श्रीनगर में लगेगा रोजगार मेला, ऑटोमोबाइल सेक्टर की बड़ी कंपनियां लेंगी हिस्सा
  • केजरीवाल के बाद सिसोदिया का भी अदालत पर सवाल, जस्टिस स्वर्णकांता को लिखी चिट्ठी, बोले-“न्याय की उम्मीद नहीं”
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी से मिलकर चारधाम यात्रा में शत प्रतिशत LPG आपूर्ति का किया अनुरोध
  • पौड़ी में पंचायत सशक्तिकरण पर मंथन, प्रशिक्षण सह-सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद
  • चंपावत के बनबसा में होगा आधुनिक लैंड पोर्ट का निर्माण – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.