- जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘प्रेरणा कोचिंग’ में जिलाधिकारी का संवाद, परीक्षा रणनीति व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया विशेष जोर
- जिलाधिकारी के मार्गदर्शन से विद्यार्थी हुए प्रेरित व उत्साहित, लक्ष्य के प्रति बढ़ा आत्मविश्वास
- जिला प्रशासन के प्रयासों से तीन माह पूर्व शुरू हुई निःशुल्क ‘प्रेरणा कोचिंग’ योजना
पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीजीआर कैंपस, पौड़ी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क ‘प्रेरणा कोचिंग’ की गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित ‘इंटरैक्ट विद स्टूडेंट’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कोचिंग केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विद्यार्थियों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया।
संवाद कार्यक्रम में परिसर के निदेशक प्रोफेसर उमेश चंद्र गैरोला ने जिलाधिकारी का स्वागत किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कोचिंग में अध्ययनरत विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, विषयवार शिक्षण व्यवस्था, उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों एवं मार्गदर्शन की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों से कक्षाओं की नियमितता, शिक्षकों के सहयोग, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिल रही सहायता तथा मासिक टेस्ट की प्रणाली एवं मूल्यांकन की पारदर्शिता पर भी फीडबैक लिया। साथ ही कोचिंग के टाइमटेबल, कक्षाओं की संरचना, पुस्तकें, अध्ययन सामग्री एवं अन्य सुविधाओं का भी अवलोकन किया।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक संसाधन प्रदान करने के साथ-साथ विभिन्न अधिकारियों द्वारा समय-समय पर प्रेरणात्मक कक्षाएं भी आयोजित की जाती हैं, जिससे उन्हें मार्गदर्शन और उत्साह दोनों प्राप्त होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासित एवं नियमित अध्ययन के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। परीक्षा रणनीति पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र को समयबद्ध तरीके से पूर्ण रूप से हल करना सफलता की कुंजी है। उन्होंने ऑब्जेक्टिव एवं सब्जेक्टिव परीक्षाओं के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाने की सलाह दी, जिससे बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को आत्मप्रेरणा, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने का संदेश देते हुए कहा कि निरंतर ऊर्जा और एकाग्रता सफलता के लिए आवश्यक है। उन्होंने पढ़ाई के साथ मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए संतुलित दिनचर्या, पर्याप्त विश्राम एवं तनावमुक्त अध्ययन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिन पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक संज्ञान लिया। संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी से उनकी व्यक्तिगत परीक्षा रणनीति के बारे में जिज्ञासा व्यक्त की, जिस पर उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए तैयारी की प्रभावी विधियों, समय प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारण के बारे में विस्तार से बताया। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी काफी प्रेरित एवं उत्साहित दिखाई दिए तथा उन्होंने सुझावों को अपनी तैयारी में अपनाने की बात कही।
इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों से संवाद करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुख शिक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए तथा आवश्यकतानुसार करेंट अफेयर्स आधारित मॉड्यूल को पाठ्यक्रम में शामिल करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों की समसामयिक समझ और सुदृढ़ हो सके। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएं और कोचिंग की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस निःशुल्क कोचिंग पहल का उद्देश्य विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रयास विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होंगे तथा शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को गति देंगे।
गौरतलब है कि जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा लगभग तीन माह पूर्व इस पहल की शुरुआत की गयी थी, जिसे जिला खनन न्यास निधि के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बीजीआर परिसर के निदेशक को भी सहयोग हेतु धन्यवाद दिया।
कोचिंग की शिक्षक शैलजा सिंह ने कोचिंग संस्थान का विवरण प्रस्तुत किया। संचालन शिक्षक अशोक जोशी ने किया। इस अवसर पर परिसर के निदेशक उमेश चंद्र गैरोला, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह नेगी, जिला खान अधिकारी अंकित मुयाल सहित परिसर के शिक्षक तथा छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।






