- उत्तराखंड सरकार के “4 साल बेमिसाल” कार्यक्रम के दूसरे दिन बैरागी कैंप, हरिद्वार में लगाई गई प्रदर्शनी छात्र-छात्राओं एवं आमजन के लिए बना रहा रहा आकर्षण केंद्र
- सात सौ चौवन (754) छात्र-छात्राओं ने देखा राज्य सरकार की प्रदर्शनी
हरिद्वार : बैरागी कैंप में आयोजित राज्य स्तरीय विकास प्रदर्शनी में आयुष विभाग, उत्तराखंड का स्टॉल आमजन और विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। स्टॉल पर आयुष सेवाओं, शिक्षा, पंचकर्म चिकित्सा और जनस्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न जानकारियों को आकर्षक और इंटरएक्टिव तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिसकी सभी ने सराहना की।
उल्लेखनीय है कि 7 मार्च को आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया था। इस दौरान विभिन्न विभागों के स्टॉल के साथ आयुष विभाग के स्टॉल का भी निरीक्षण किया गया। प्रदर्शनी हाल में आयुष विभाग का प्रतिनिधित्व अपर सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा डॉ. विजय कुमार जोगदंडे तथा संयुक्त निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह ने किया।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी हरिद्वार डॉ. स्वास्तिक जैन ने बताया कि स्टॉल पर आयुष विभाग की उपलब्धियों और सेवाओं को सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। भारी संख्या में पहुंचे आमजन, पर्यटक, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा अन्य विभागों के अधिकारियों ने स्टॉल का अवलोकन कर आयुष विभाग की पहलों की सराहना की।
स्टॉल पर विभागीय टीम द्वारा आयुष सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लोगों को जानकारी दी गई। इसमें आयुष चिकित्सालयों में उपलब्ध ओपीडी, आईपीडी और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही पंचकर्म चिकित्सा की विभिन्न विधियों, उनके लाभ और उपलब्धता की जानकारी भी दी गई।
इसके अलावा उत्तराखंड में संचालित आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी और सिद्ध शिक्षा संस्थानों तथा पाठ्यक्रमों के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। जनस्वास्थ्य सुधार के लिए चलाए जा रहे अभियानों और योजनाओं के साथ आयुष मंत्रालय की टेलीमेडिसिन सेवा eSanjeevani के माध्यम से घर बैठे आयुष चिकित्सा परामर्श के लाभों से भी लोगों को अवगत कराया गया।
स्टॉल पर उत्तराखंड में स्थापित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की जानकारी भी दी गई, जहां एक ही स्थान पर विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों की सेवाएं उपलब्ध हैं। साथ ही राज्य में निर्माणाधीन नए आयुष अस्पतालों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बताया गया।
स्टॉल का विशेष आकर्षण लाइव योग प्रदर्शन और औषधीय पौधों की प्रदर्शनी रही। योग विशेषज्ञों द्वारा किए गए योग प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और कई लोगों ने स्वयं योग आसनों में भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ का अनुभव किया। इसके अतिरिक्त औषधीय पौधों के गुण और उनके उपयोग की जानकारी भी दी गई।
यहां स्थापित प्रकृति परीक्षण कियोस्क भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा, जहां उपस्थित लोगों ने लाइव प्रकृति परीक्षण कराकर अपनी आयुर्वेदिक प्रकृति की जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा आयुर्वेदिक शोध पत्रिकाओं और अन्य प्रकाशनों का भी प्रदर्शन किया गया।
डॉ. स्वास्तिक जैन ने बताया कि विभाग का उद्देश्य आयुष पद्धतियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है, ताकि आमजन स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपना सकें।
विकास कार्यों को दर्शाती प्रदर्शनी
बैरागी कैंप में आयोजित इस प्रदर्शनी में उत्तराखंड सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में आमजन के साथ-साथ विभिन्न विद्यालयों के 754 छात्र-छात्राएं भी पहुंचे और विकास योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
प्रदर्शनी में राज्य सरकार के बीते चार वर्षों में किए गए विकास कार्यों, सड़क एवं संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।
नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी की सराहना
बैरागी कैंप में “नूतन न्याय संहिता” विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी को भी आमजन और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक देखा। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य भारत सरकार द्वारा लागू Bharatiya Nyaya Sanhita, Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita और Bharatiya Sakshya Adhiniyam के प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता को बढ़ावा देना है।
प्रदर्शनी में इन नई न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को सरल और इंटरएक्टिव माध्यमों से प्रस्तुत किया गया है, जिनमें समयबद्ध जांच एवं चार्जशीट, जीरो एफआईआर और ई-एफआईआर की व्यवस्था, गंभीर अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच तथा डिजिटल साक्ष्यों की वैधता जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
यह प्रदर्शनी 9 मार्च तक जारी रहेगी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर नई न्याय व्यवस्था और राज्य सरकार की विकास योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।





