कोटद्वार : उत्तराखंड विकास पार्टी ने शनिवार और रविवार को पूरे प्रदेश में लॉकडाउन किए जाने के राज्य सरकार के किसी भी प्रस्ताव का विरोध किया ।

पार्टी का मानना है कि सचिवालय के अधिकारी माननीय मुख्यमंत्री को ना तो सही सलाह दे रहे हैं और ना ही ग्राउंड जीरो की हकीकत जानने के लिए ग्राउंड जीरो का दौरा कर रहे हैं । शनिवार और रविवार को पूरे प्रदेश में लॉकडाउन लगाने से प्रदेश के कोरोना से लड़ाई की मुहिम को झटका लग सकता है। प्रदेश के चार जिले उधमसिंह नगर, नैनीताल, देहरादून और हरिद्वार बाकी के 9 जिलों पर भारी हैं, जहां के अधिकारियों और जनता की आपसी समझदारी से कोरोना को हराने में काफी हद तक सफलता मिली है।
उविपा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री को इन चार मैदानी जिलों में लॉकडाउन लगा कर रखना चाहिए जिन जिलों में सार्वधिक कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं न कि पूरे प्रदेश में । चार मैदानी जिलों के अधिकारियों और लोगों की लापरवाही पहाड़ के जागरूक अधिकारी और जनता क्यों भोगे? माननीय मुख्यमंत्री जी को उच्च अधिकारीयों को इन जिलों के दौरे के लिए कहना चाहिए ताकि इन जिलों की हकीकत से माननीय मुख्यमंत्री अवगत हो सकें और राज्य की छवि भी खराब ना हो । उत्तराखंड विकास पार्टी माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह करती है कि शनिवार और रविवार का लॉकडाउन केवल इन चार मैदानी जिलों के लिए मान्य हो न कि पूरे प्रदेश के लिए।
चार मैदानी जिलों में कल 182 कोरोना पॉजिटिव आये
जबकि चार पहाड़ी जिलों में केवल 17 कोरोना पॉजिटिव आये हैं व अन्य पाँच पहाड़ी जिलों में एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं आया है। ऐसे में पूरे प्रदेश में लॉक डाउन न केवल प्रदेश के लिए दुखदायी है वरन पहाड़ के उन जिलों के प्रति अन्याय है जो बड़ी शिद्दत से कोरोना के खिलाफ सकारात्मक लड़ाई लड़ रहे हैं।




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