कर्णप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड में सालों से बदहाल पड़ी सड़कें बारिश के बाद और खतरनाक हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सड़कों की हालात ठीक नहीं की जाती। जिससे लोग आए दिन जान जोखिम में रखकर सफर करने को मजबूर होते हैं।
मैखुरा की प्रधान हेमंती देवी, पूर्व छात्र संघ महासचिव देवी प्रसाद मैखुरी आदि ने कहा कि जयकंडी से मैखुरा तक लोनिवि गौचर की 14 किमी लंबी सड़क पिछले 12 साल से बन रही है। लेकिन दो बार करोड़ों की धनराशि स्वीकृति होने के बाद भी सड़क बदहाल बनी है। कहा कि मैखुरा गांव के पास सड़क से एक मकान क्षतिग्रस्त हो रहा है। लेकिन विभाग अभी तक उस मकान का मुआवजा नहीं दे पाया है। वहीं ग्रामीण हर्षवर्धन डिमरी, जितेंद्र कुमार, दीपक नगवाल आदि का कहना है कि कनखुल, चोपड़यूं, मल्ला मैखुरा, सेम, धल,कांचुला सहित कई गांवों को जोड़ने वाला धारडुंग्री-मैखुरा-सिलंगी मार्ग बदहाल है। यहां नालियां न होने से बरसाती पानी सड़क को बर्बाद कर रहा है। ग्रामीणों ने जल्द सड़कों की मरम्मत की मांग की है।
बोले अधिकारी
धारडुंग्री-मैखुरा मोटर मार्ग की मरम्मत का प्रस्ताव शासन में भेजा गया था। लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। जिस पर अब मार्ग के सबसे अधिक खराब हिस्से ढाई किमी को पीएमजीएसवाई के तहत प्रपोजल शासन में भेजा गया है।
मोहम्मद राशिद सहायक अभियंता लोनिवि गौचर।
जयकंडी-मैखुरा मोटर मार्ग पर विवादित मकान का मुआवजा बनाकर उच्चाधिकारियों के लिए स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। जबकि निर्माण कार्य में यदि गुणवत्ता खराब पाई गई तो संबधित ठेकेदार को नोटिस की कार्रवाई की जा रही है, साथ ही भुगतान रोका जा रहा है। सड़क का अवशेष काम जल्द पूरा किया जाएगा।
अमित पटेल, सहायक अभियंता लोनिवि गौचर।




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