बुधवार, सितम्बर 2, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
2nd सितम्बर 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

हिमालय में बसे वाण गांव में पति-पत्नी बने मिसाल, बंजर भूमि में उगाई बेशकीमती जडी बूटियां

शेयर करें !
posted on : जून 29, 2020 9:55 अपराह्न

चमोली । हम बात कर रहे है ऐसे गांव के दंपत्ति की जिस गांव से आगे आगे केवल और केवल निर्जन जंगल और बुग्याल है। तीन महीने बारिश और तीन महीने बर्फ से ढका हुआ रहता है। यह गांव हिमालय का अंतिम आबादी वाला गांव है। इस गांव के कुछ किसान अब परंपरागत खेती से दूरी बनाकर खुद ही तरक्की का रास्ता निकाल रहे हैं। ऐसा ही कुछ करके दिखाया है सीमांत जनपद चमोली के देवाल ब्लाॅक के सदूरवर्ती गांव वाण के किसान दंपत्ति पान सिंह बिष्ट और बुदुली देवी नें। जिन्होंने हिमालय में बसे वाण गांव में अपनी बंजर भूमि में परम्परागत खेती से इतर बहुमूल्य औषधि गुणों से भरपूर जडी बूटियों को उगाकर एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। उन्होंने अपने बंजर भूमि में कुटकी, जटामासी, गंदरायण, कूट सहित अन्य जडी बूटियों को उगाया है जबकि लगभग सौ से अधिक सेब के पेड भी लगायें हैं। जिससे इन्हें हर साल लाखों की आमदनी तो होती है अपितु अच्छा खासा मुनाफा भी हो जाता है। इसके अलावा इन्होंने मत्स्य पालन और पाॅली हाउस के जरिए सब्जी उत्पादन भी किया जा रहा है। अब ये मौन पालन और कुकुट पालन करने की भी योजना बना रहें हैं।

दोनों दंपत्ति विगत दस साल से परम्परागत खेती की जगह हर्बल खेती कर रहें हैं। पान सिंह कहते हैं कि आज परम्परागत खेती की अपनी बहुत सारी समस्याएं हैं। बेमौसम बारिश, सूखा पडना, कीट पंतगो से लेकर जंगली जानवरों से नुकसान होना, अत्यधिक मानव श्रम, लागत ज्यादा उत्पादन कम और बाजार का उपलब्ध न होना पारम्परिक खेती के सबसे बडे दुष्प्रभाव हैं जबकि दूसरी ओर हर्बल खेती में श्रम, लागत कम और मुनाफा बहुत ज्यादा है। मेहनत तो करनी ही पडती है। पूरे दिनभर में यदि महज दो घंटे भी आपने अच्छे से मेहनत कर ली तो काफी है। आज बहुत सुकुन मिलता है और खुशी होती है। मुझसे ज्यादा योगदान इस हर्बल गार्डन में मेरी पत्नी का है। वो बहुत ज्यादा मेहनत करती है। मेरी युवाओं से भी अपील है कि वो हर्बल खेती में स्वरोजगार करें। इसमें रोजगार के असीमित संभावनाएं हैं और मुनाफा भी बहुत है। वे कहते है कि सरकार भी समय-समय पर हमें हर्बल खेती से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। हैप्रेक श्रीनगर से भी वैज्ञानिकों भी हमें प्रशिक्षण और जानकारी दी गई। मेरे हर्बल गार्डन को देखने शोधार्थी और अन्य लोग हर साल यहां आते हैं।

गौरतलब है कि जैवविविधता के धनी उत्तराखंड में जड़ी-बूटियों का भंडार मौजूद है। हिमालयी इलाकों में पाई जाने वाली बेशकीमती जड़ी-बूटियां अब खेतों में भी उगने लगी हैं। तमाम बीमारियों में काम आने वाली संजीवनी सरीखी इन जड़ी-बूटियों की खेती से अच्छा मुनाफा मिलने के कारण परंपरागत खेती करने के बजाय किसान इस ओर आकर्षित हो रहे हैं। राज्य के चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी जैसे पहाडी जनपदों में किसान हर्बल खेती कर रहें हैं। अतीश, कुठ, कुटकी, करंजा, कपिकाचु और शंखपुष्पी जैसे हर्बल पौधों की खेती से किसानों का एक छोटा समूह भी तीन लाख रुपये प्रति एकड़ तक की कमाई कर रहा है। राज्य के हिमालयी क्षेत्र से सटे गांवों में छह हजार से अधिक परिवार जड़ी-बूटी की खेती कर रहे हैं। सालमपंजा, जटामासी सहित कुछ अन्य जड़ी-बूटियों के दोहन व बिक्री को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया। इनका दोहन केवल नाप भूमि में खेती करने के बाद ही किया जा सकता है।

Discussion about this post

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1-1.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • NETWORK 10 NEWS का राष्ट्रीय मंच पर परचम, एडिटर इन चीफ संजय गिरी को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय सम्मान
  • संभावित संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
  • धर्मपुर के प्राचीन श्री शिव मन्दिर का वार्षिक उत्सव भव्य कलश एवं शोभा यात्रा के साथ शुरू
  • उत्तराखंड में सरकारी नौकरी का मौका, 553 पदों पर भर्ती, UKSSSC ने जारी किया विज्ञापन
  • खड़गे की सभा के बाद मंच के शुद्धिकरण पर सियासी संग्राम, कांग्रेस ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ दी तहरीर
  • उत्तराखण्ड में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा
  • हल्द्वानी के शुद्धीकरण विवाद में नया मोड़, राहुल गांधी के खिलाफ कोतवाली में FIR, शुद्धीकरण को जातिगत रंग देने का आरोप
  • नेपाल बाढ़ में मृतकों की संख्या 810 पहुंची, 275 भारतीयों समेत 3048 लोग अब भी लापता
  • चलती बस में 16 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, चालक-कंडक्टर गिरफ्तार
  • कल से महंगा होगा दूध, मुंबई में थोक कीमत ₹9 बढ़ी, आपकी जेब होगी हल्की
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.