posted on : अगस्त 23, 2022 5:51 अपराह्न
उत्तरकाशी : हनुमान मंदिर उत्तरकाशी में गंगा तटों पर चल रहे, बूचड़खानों को प्रतिबंधित करने हेतु निर्मल गंगा संघर्ष महाभियान का समर्थन हेतु एक पत्रकार वार्ता बुलायी गई, जिसमें उत्तरकाशी जिले के पूज्य संत साधु समाज के अध्यक्ष स्वामी सचिदानंद महाराज के द्वारा इस वार्ता में कहा कि सम्पूर्ण साधु समाज के साथ इस अभियान को लिखित रूप में पूर्ण सर्मथन दिया गया। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए, कहाँ कि गंगा तटों पर चल रहे, बूचड़खानों को यदि शीघ्र ही जिला प्रशासन के द्वारा प्रतिबंधित नहीं किया जाता है तो सम्पूर्ण साधु समाज इस अभियान के साथ जिला प्रशासन के खिलाफ आन्दोलन करने को बाध्य होगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की ही होगी।
इस वार्ता में विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी महंत अजयपुरी ने भी इस महाभियान को समर्थन देते हुए, कहा कि बूचड़खानों को जल्द से जल्द प्रतिबंधित करने की मांग जिला प्रशासन से की और कहा कि उत्तरकाशी बाबा विश्वनाथ की पवित्र भूमि होने के साथ ही मां गंगा/ यमुना का उद्गम स्थल भी है। माननीय न्यायालय की टिप्पणी व भारत सरकार की नियमावली अनुसार व धार्मिक दृष्टि से गंगा तटों पर चल रहे, बूचड़खाने अवैध है। फिर भी जिला प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है जिसका संपूर्ण विश्वनाथ मंदिर समिति विरोध करती है प्रशासन से इन बूचड़खाना को जल्द से जल्द प्रतिबंधित करने की मांग करती है । ऐसा न होने पर हिन्दू समाज, साधु संतो ,शिवभक्त एक साथ मिलकर इस महाभियान शामिल होकर। प्रशासन के खिलाफ एक बडा आंदोलन किया जाएगा।
अभियान के संयोजक सूरज डबराल के द्वारा बताया गया कि 31 अगस्त को होने वाली गंगा जागृति यात्रा विश्वनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर मेन बाजार होते हुए, कलेक्ट्रेट परिसर में समाप्त होगी, जिसमें गाँव शहरों से भरवाएं गये, हस्ताक्षर पत्रों के साथ सभी धार्मिक, सामाजिक राजनीतिक दलों व साधु संतों मठ मंदिरों द्वारा लिखित रूप में दिए गए समर्थन पत्रों को जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। इस दौरान श्री राम सेवा दल अध्यक्ष किरन पंवार, जितेंद्र सिंह चौहान आदि संगठनों के लोग उपस्थित थे।


