कोटद्वार । मुक्तिधाम समाज सेवा समिति एवं श्रीगोपाल गौलोक धाम के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने रविवार को नगर निगम की मेयर से मुलाकात करते हुए ट्रेचिंग ग्राउंड, गौलोक धाम में बनने वाली गौशाला के निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दिये जाने की मांग की है। साथ ही नगर निगम की तरफ से एकतरफा कार्यवाही किये जाने पर भी नाराजगी व्यक्त की है।
मेयर हेमलता नेगी से मुलाकात करते हुए प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने कहा है कि वर्तमान में मुक्तिधाम समाज सेवा समिति एवं श्रीगोपाल गौलोक धाम समिति विशुद्ध रूप से समाज सेवा के प्रति समर्पित है, लेकिन वर्तमान में नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा ट्रेचिंग ग्राउंड में लगने वाली आग को बुझाने के लिए छोटे बच्चों के शवों को दफनाने वाले स्थान को खोदकर पाइप लाइनों को खोदा जा रहा है, जो कि सरासर अन्यायपूर्ण एवं गलत कार्य है। प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने कहा है कि मुक्तिधाम तथा गौलोक धाम की पूरी भूमि सरकारी रिकॉर्ड में श्रेणी-3 शमशान के रूप में अंकित है और इस भूमि पर विगत 45 वर्षों से समाज सेवियों के द्वारा इस स्थान को मुक्तिधान शमशान घाट का स्वरूप दिया गया है तथा इसी भूमि में से लगभग तीन बीघा भूमि पर 90 गौवंशों की रक्षा के लिए गौशाला का निर्माण कराया गया है।
प्रतिनिधि मंडल ने महापौर को अवगत कराया कि उक्त भूमि पर गौशाला निर्माण के लिए 39 पार्षदों के द्वारा समर्थन पत्र निगम को भी सौंपा गया है। जिससे विकास प्राधिकरण के द्वारा नक्शा पास कराया जा सके, लेकिन कुछ गिने-चुने विकास विरोधी मानसिकता के व्यक्तियों के दबाव में रचनात्मक कार्यों को रोक दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर निगम की महापौर हेमलता नेगी ने प्रतिनिधि मंडल के द्वारा उठायी गयी समस्याओं का संज्ञान लेते हुए नगर निगम प्रशासन को निर्देशित करने का आश्वासन दिया गया। संयुक्त प्रतिनिधि मंडल में दीनानाथ भाटिया, पूर्व प्रधानाचार्य विनोद चन्द्र कुकरेती, श्रीगोपाल गौलोक धाम संस्था के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल, श्रीकृष्ण सिंघानिया, महावीर सिंह रावत, भगवती प्रसाद कंडवाल आदि सम्मिलित थे।





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