posted on : अप्रैल 26, 2022 4:14 अपराह्न
उत्तरकाशी (कीर्तिनिधी सजवाण): पतित पावनी सौम्य काशी के मां भागीरथी के किनारे स्थित राम लीला मैदान उत्तरकाशी में वसुधैव कुटुंबकम व विश्व शांति की पवित्र भावना से अष्टादाश महापुराण व अतिरुद्र महायज्ञ समिति मेज़बानी में परम पूज्य संत मुरलीधर महाराज के मुखारविंद से आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के सोमवार को तृतीय दिवस में महाराज जी ने गोस्वामी तुलसीदास जी महाराजरचित श्रीरामचरितमानस के बालकांड में वर्णित भगवान राम के जन्मोत्सव की कथा का बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ में वर्णन किया। जब भए प्रगट कृपाला दीन दयाला तथा अवध में आनंद भयो.. गाया गया तब श्रोता खुशी व उमंग से झूम उठे। गीतावली व कवितावली के मांगलिक गीतों तथा लोक संस्कृति के विभिन्न गीतों पर श्रोता भाव विभोर होकर खूब झूमे।
प्रसंग के माध्यम से महाराज ने बताया कि जब इस धरती पर जब ब्राह्मण, धेनु तथा संत दुखी होते हैं तब तब भगवान का अवतार होता है। देवता व मानव राक्षसों के अत्याचार से दुखी होकर भगवान से धरती पर अवतार लेने की प्रार्थना की तब भगवान ने दुष्ट रावण का वध करने तथा धरती को पापों से मुक्त करने हेतु युग परिवर्तन करके भी अवतार लिया। महाराज ने कहा कि जिनके ह्रदय में भगवान है वह व्यक्ति कभी दुखी नहीं हो सकता। इस अवसर पर कथा के मुख्य यजमान हरिशंकर नौटियाल, श्रीमती रूक्मणी नौटियाल, अष्टादश पुराण समिति के अध्यक्ष, हरि सिंह राणा महासचिव रामगोपाल पैन्यूली, संयोजक प्रेम सिंह पवार, व्यवस्थापक घनानंद नौटियाल, वित्त समिति से मिलेगी रामकृष्ण नौटियाल, जीतवर, सिंह नेगी, गीता गैरोला, सभासद सविता भट्ट ,डॉ द्वारिका प्रसाद नौटियाल ,सुरेश चंद्र भट्ट गोल्ड मेडलिस्ट, माधव प्रसाद शास्त्री, रविंद्र नौटियाल, एवं पृथ्वी दत्त नैथानी, मानस प्रेमी उपस्थित थे।




