posted on : मार्च 8, 2022 4:57 अपराह्न
कोटद्वार । अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार एवं महिला उतरजन के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अंतर्गत महिलाओं पर केंद्रित कुछ चुनिंदा कविताओं के बहाने स्त्री विमर्श का आयोजन किया गया। महिला उत्तरजन कोटद्वार शाखा की संयोजक एवं हिंदी विभाग की विभाग प्रभारी डॉ शोभा रावत ने इस कार्यक्रम का परिचय देते हुए कहा कि समूह के संस्थापक लोकेश नवानी की प्रेरणा से एवं महाविद्यालय की प्राचार्या वैचारिक एवम बौद्धिक सामर्थ्य की धनी प्रो. जानकी पंवार के संरक्षण में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उन्होंने बताया कि इस मंच का उद्देश्य महिला सरोकारों पर वैचारिक, सैद्धांतिक विमर्श और धरातल पर काम करना है। स्त्री को बौद्धिक एवं वैचारिक स्तर पर आगे ले जाना है। वैचारिक दृष्टि से समृद्धि स्त्री ही दुनिया में अपना स्थान बना सकती हैं और अशिक्षा, मिथ, अवैज्ञानिकता स्त्री की राह में बाधाएं हैं बेहतर भविष्य के लिए तर्कशील स्त्री के निर्माण की आवश्यकता है। महिला उत्तरजन के माध्यम से स्त्री को सही वैचारिक दिशा प्रदान करना है। साथ ही तर्कशील एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करना है। उन्हें दिशाहीनता एवं भटकाव से रोककर अंधविश्वासों के अंधेरे में जाने से रोकना है। फलस्वरूप नई पीढ़ी की महिलाएं छल, दुराव, छिपाव को समझेगी । समानता एवं स्वतंत्रता से जीवन में मानवता का धर्म लागू करेंगी। उनका प्रत्येक क्षेत्र में हस्तक्षेप होगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने महिला चेतना से संबंधित कविताओं का वाचन किया । ऐश्वर्या देवरानी, स्वाति कंडवाल, शाहिस्ता परवीन, स्वर्णिमा रिठवाल, प्रियंका यादव, पीयूष सुंद्रियाल, शीतल असवाल, कुमारी आंचल, गुंजन, नर्मिता, मनीषा, सलोनी ने स्त्री चेतना के विविध आयामों को उकेरती कविताओं को प्रस्तुत किया। छात्र छात्राओं द्वारा एक महिला जनगीत ‘बोलने लगी हैं लड़कियां” भी प्रस्तुत किया गया।
इसी क्रम में हिंदी विभाग के प्राध्यापक दीक्षित कुमार ने महिला को अपने अधिकारों के प्रति सजग होने की बात कही तथा एक कविता का पाठ किया। इसी क्रम में महिला उत्तरजन की सदस्य रिद्धि भट्ट ने स्त्री चेतना के प्रति कविता का पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन कर रही डॉ. सुमन कुकरेती हिंदी विभाग प्राध्यापिका ने स्त्री विमर्श के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. महंत मौर्य ने समाज में स्त्री की यथास्थिति पर विचार प्रकट किए साथ ही वनस्पति विज्ञान के प्रो. एम.डी.कुशवाहा ने स्वरचित कविता प्रस्तुत की। अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डॉ. शोभा रावत ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का धन्यवाद करते हुए महिला उत्तरजन से जुड़ने का आहवाहन किया। इस कार्यक्रम में डॉ. प्रवीन जोशी, डॉ. धनेंद्र, डॉ. ऋचा जैन, डॉ. नीता भट्ट, डॉ. प्रियंका अग्रवाल, डॉ. प्रियम अग्रवाल, डॉ. सुनीता गुसाई, डॉ. सोमेश, डॉ. भगवत रावत, डॉ. अमित गौड, डॉ. अकेश चौहान, डॉ. हीरा आदि प्रधायपक गण, अतिथि गण एवम महाविद्यालय के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे ।




