कोटद्वार । काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रणेता और संस्थापक महामना पं. मदन मोहन मालवीय की पुण्यतिथि पर कोटद्वार ने उनको नमन कर उनके योगदान को याद किया। गुरुवार को मालवीय उघान में मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर लोगो ने माल्यार्पण कर उनकी पुण्यतिथि पर याद किया ।
वक्ताओ ने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय पत्रकारिता के साथ ही वकालत और समाज सुधार व शिक्षा के साथ ही देश की सेवा में अपना जीवन बिताने वाले महामानव महामना ने काशी में जिस विश्वविद्यालय की स्थापना की उसकी परिकल्पना ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षित करके देश सेवा के लिये तैयार करने की थी जो विश्व भर में भारत का गौरव गान कर सकें। महामना की यह उपलब्धि रही है कि बीएचयू से निकले तमाम छात्रों ने देश विदेश के शीर्ष संस्थानों में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। देश के प्रति उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने 24 दिसम्बर 2014 को उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न के सम्मान से अलंकृत किया था।भारत के पहले और अन्तिम व्यक्ति के तौर पर भी लोग उन्हें याद करते हैं जिनको महामना की सम्मानजनक उपाधि दी गई।




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