posted on : फ़रवरी 2, 2022 11:09 पूर्वाह्न
पौड़ी : स्वास्थ्य विभाग के तत्वाधान में ए.एन.एम.टी.सी. सेन्टर खिर्सू में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम एवं पी.सी.पी.एन.डी.टी. कार्यक्रम के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यशाला में छात्राओं द्वारा कन्या भ्रूण हत्या व लैंगिक भेदभाव को लेकर अपने अपने विचार व्यक्त किये गये। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार द्वारा कन्या भ्रूण हत्या को लेकर छात्राओं के विचारों की सराहना करते हुये कहा गया कि समाज में बालिकाओं को लेकर काफी हद तक परिवर्तन हुआ है बालिकायें प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, विभाग द्वारा भी समय समय पर जनजागरुकता कार्यक्रम चलाये जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाली छात्राओं में गीता नेगी, चांदनी, मेघा राणा, स्वाती, योगिता को पुरस्कृत कर सम्मानित किया।
आयोजित कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर द्वारा छात्राओं को पी.सी.पी.एन.डी.टी. कार्यक्रम के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी गयी, साथ ही उनके द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से उत्तराखंड के लिंगानुपात को लेकर छात्राओं के साथ विस्तृत चर्चा की गयी। उन्होंने बताया कि जनपद पौड़ी में नैषनल फैमिली हैल्थ सर्वे वर्श 2015-16 में लिंगानुपात 705 था ,जबकि वर्तमान में लिंगानुपात 1062 है जिसमें कि काफी हद तक सुधार हुआ है।
कार्यशाला में डॉ. विनय कुमार द्वारा उपस्थित छा़त्राओं को एड्स रोग के कारण एवं उसके बचाव के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी गयी, उनके द्वारा बताया गया कि एच.आई.वी वायरस मानव शरीर में ही जिन्दा रहता है, जिसके लक्षण काफी लम्बे अन्तराल पर सामने आते हैं। उन्होंने बताया कि एच.आई.वी. असुरक्षित यौन सम्बन्ध, संक्रमित सुई, ब्लेड, एवं एच.आई.वी. दूशित रक्त चढ़ाने से हो सकता है। एच.आई.वी. हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है। कहा कि एड्स की निश्चित रूप से पहचान केवल चिकित्सकीय परीक्षण से ही की जा सकती है, जिसके लिए एलिसा टेस्ट किया जाता है। एड्स से बचाव ही इसका उपचार है। आयोजित कार्यशाला में आशीष रावत, ममता पटवाल, एवं ए.एन.एम.टी.सी. की छात्राओं एवं अन्य विभागीय कर्मियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।



