posted on : दिसम्बर 16, 2023 4:42 अपराह्न
लैंसडाउन । राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जयहरीखाल में शनिवार को एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स यूनिट ने हर्षोउल्लास के साथ विजय दिवस मनाया । कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ प्रोo लवनीआर राजवंशी ने उपस्थित समस्त एनसीसी और रिवर्स रेंजर्स कैडेट्स को संबोधित किया और बताया कि भारत में हर साल 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया जाता है। 1971 में आज ही के दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। 16 दिसंबर 1971 की ऐतिहासिक जीत की खुशी आज भी हर देशवासी के दिल में जोश और उत्साह भर देती है। 1971 में आज ही के दिन भारतीय सेना की बहादुरी के सामने पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया था और बांग्लादेश को आजादी मिली थी। यह युद्ध 13 दिनों तक चला। आज पूरा देश ऐतिहासिक जीत के नायक रहे भारतीय सेना के वीर जवानों की वीरता और बलिदान को सलाम कर रहा है ।
एनसीसी प्रभारी एएनओ डॉ पंकज कुमार ने सभी एनसीसी कैडेस्ट को संबोधित करते हुए विजय दिवस के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी और बताया कि दरअसल, बंटवारे के वक्त भारत के दो हिस्से पश्चिमी पाकिस्तान और पूर्वी पाकिस्तान के नाम पर अलग हो गए थे । बंगाल का एक बड़ा भाग पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था। पश्चिमी पाकिस्तान की सरकार पूर्वी पाकिस्तान के लोगों पर अत्याचार करती रही। पूर्वी पाकिस्तान से लेकर पश्चिमी पाकिस्तान तक 24 साल तक जुल्म सहा। पूर्वी पाकिस्तान के स्वतंत्रता संग्राम में भारत ने उनका साथ दिया। युद्ध में भारत की जीत के साथ पूर्वी पाकिस्तान स्वतंत्र हो गया और बांग्लादेश बन गया। महाविद्यालय की रोवर्स रेंजर्स यूनिट के प्रभारी डॉ विनीता और डॉ अभिषेक कुकरेती ने भी उपस्थित समस्त कैडेट्स को विजय दिवस की शुभकामनाएं दी । कार्यक्रम में उपस्थित एनसीसी कैडेट्स निकिता रावत, मीनाक्षी, नवनीत रावत, सलोनी, नवनीत गोसाई, शुभम रावत, वंदना व अन्य कैडेट्स ने विजय दिवस विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता व पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया । इस अवसर पर समस्त प्राध्यापक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे ।




