देहरादून : समग्र शिक्षा योजना, पीएम श्री एवं उल्लास योजना हेतु वर्ष 2025 26 के बजट की स्वीकृति के लिए उत्तराखण्ड राज्य हेतु भारत सरकार द्वारा प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक बृहस्पतिवार, 03 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार में आयोजित की गयी। इस संदर्भ में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा अवगत कराया गया है कि सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रामन के नेतृत्व में राज्य स्तर से 15 सदस्यीय टीम द्वारा नई दिल्ली में बैठक में प्रतिभाग किया गया। जिसमे महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा झरना कमठान तथा अपर राज्य परियोजना निदेशक कुलदीप गैरोला भी मौजूद रहे।
केन्द्र पोषित योजना के अन्तर्गत राज्य को बजट अनुमोदित किये जाने हेतु शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के स्तर पर इसके लिए निर्धारित उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता संजय कुमार, सचिव, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा की गयी। बैठक में उत्तराखण्ड राज्य हेतु भारत सरकार के स्तर पर नामित प्रभारी अधिकारी डॉ. अमरप्रीत दुग्गल, संयुक्त सचिव द्वारा राज्य के बजट अनुमोदन का प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया गया जबकि पीएम श्री योजना से सम्बन्धित प्रस्तुतीकरण अनिल कुमार सिंघल अपर सचिव द्वारा द्वारा किया गया तथा भारत सरकार स्तर पर पीएम श्री योजना की निदेशक प्रीति मीणा द्वारा भी इसमें प्रतिभाग किया गया।
बैठक में राज्य द्वारा भारत सरकार में समग्र शिक्षा के लिए प्रस्तुत किये गये बजट रू0 973 करोड़ के प्रस्ताव के सापेक्ष भारत सरकार द्वारा नवीन कार्यों एवं विभिन्न गतिविधियों हेतु लगभग 883 करोड की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसी प्रकार पीएम श्री योजना के लिए भारत सरकार द्वारा लगभग 100 करोड़ की धनराशि के अनुमोदन पर सहमति प्रदान की गयी। शिक्षा मंत्री द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि राज्य हेतु भारत सरकार द्वारा पूर्व से निर्धारित धनराशि 715 करोड तथा इसके सापेक्ष राज्याशं को सम्मिलित करते हुये कुल लगभग 800 करोड़ के बजट सीमा के सापेक्ष सचिव रविनाथ रामन एवं राज्य परियोजना निदेशक झरना कमठान के नेतृत्व वाली टीम द्वारा राज्य के लिए लगभग 883 करोड का बजट स्वीकृत कराया गया है जो कि राज्य के लिए एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य की टीम द्वारा भारत सरकार में विभिन्न गतिविधियों, निर्माण कार्यों आदि के लिए राज्य का पक्ष मजबूती से रखा गया।
शिक्षा मंत्री द्वारा यह भी बताया गया कि इस वर्ष भारत सरकार द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय कालसी के उच्चीकरण, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास लालढांग हरिद्वार के लिए नवीन भवन, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास बनियावाला की चाहरदीवारी एवं बनियावाला हाई स्कूल के इण्टर स्तर पर उच्चीकरण तथा इसके भवन निर्माण, 87 विद्यालयो के भवन निर्माण, 200 अतिरिक्त कक्षा कक्ष, 265 शौचालय, 43 भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला, 37 जीव विज्ञान प्रयोगशाला, 12 रसायन विज्ञान प्रयोगशाला तथा 10 विज्ञान प्रयोगशाला आदि निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025-26 के लिए 165 विद्यालयों में आई०सी०टी० लैब, 307 विद्यालयों के लिए समार्ट कक्षा, 244 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा, 553 आंगनवाडी केन्द्रों के लिए आउटडोर प्ले मैटीरियल, बाला, चाईल्ड फ्रेंडली फर्नीचर पर अनुमोदन दिया गया हैं ।
सचिव विद्यालयी शिक्षा द्वारा बैठक के दौरान भारत सरकार का ध्यान कुछ आवश्यक बिन्दुओ पर भी आकर्षित किया गया जिसमे आगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रशिक्षण, राज्य के राजकीय विद्यालय में टिंकरिंग लैब, वर्चुअल रियलटी लैब, एस्ट्रोनॉमी लैब जैसे कुछ नवाचारी गतिविधियां भी सम्मिलित हैं तथा इसके अनुमोदन हेतु अनुरोध किया गया। सचिव भारत सरकार द्वारा इसकी समीक्षा करते हुए तदनुसार अनुमोदन पर विचार का आश्वासन दिया गया।
PAB बैठक में भारत सरकार द्वारा जहां राज्य के राजकीय विद्यालयों में घटते नामांकन पर चिन्ता व्यक्त की गयी तथा राज्य द्वारा इसका विश्लेषण करते हुए समस्या के समाधान के ओर ठोस कदम उठाये जाने हेतु रणनीति बनाये जाने की अपेक्षा की गयी। वही उनके द्वारा राज्य में शैक्षिक सकेतको जैसे सकल नामांकन अनुपात (GER), शुद्ध नामांकन अनुपात (NER) में वृद्धि एवं ड्रापआउट दर में कमी आदि पर राज्य की सराहना की गयी। बैठक में उनके द्वारा विद्यालयों में प्रयोगशालाओं की कमी एवं अन्य भौतिक संसाधनों की संतृप्तता सुनिश्चित किये जाने हेतु वर्ष 2025-26 के लिए आने वाले समय में आयोजित की जाने वाली अनुपूरक बजट के लिए आयोजित की जाने वाली बैठक में अतिरिक्त मांग रखे जाने हेतु सुझाव दिया गया।
PAB की बैठक में सचिव भारत सरकार द्वारा राज्य में किये जा रहे कार्यों की सराहना की गयी साथ उनके द्वारा अपेक्षा की गयी की उत्तराखण्ड राज्य और अधिक बेहतर कर सकता है। इसलिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारत सरकार स्तर पर आयोजित Mid-term review तक आवश्यक प्रगति परिलक्षित हो सके इसके ठोस कार्यवाही की जाये।
बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रामन द्वारा राज्य का पक्ष मजबूती से रखा गया उनके द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में शिक्षा में सुधार के लिए लगातार ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। जिसमें विद्यालयों में शिक्षकों की समयबद्ध नियुक्ति महत्त्वपूर्ण है। प्राथमिक स्तर से माध्यमिक स्तर तक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अनवरत जारी है प्रत्येक स्तर पर स्वीकृत पदों के अनुरूप लगभग सभी पदों को भर लिया जायेगा, जबकि कुछ पदों के सापेक्ष माननीय न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है। इसके अतिरिक्त क्लस्टर विद्यालय योजना संचालित कर ली गयी है।
सचिव भारत सरकार द्वारा बैठक में राज्य की वित्तीय वर्ष 2024-25 की वित्तीय प्रगति की भी समीक्षा की गयी तथा राज्य द्वारा चतुर्थ किस्त लिए जाने तथा उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष 86 प्रतिशत धनराशि व्यय किये जाने पर राज्य की सराहना की गयी। उक्त के अतिरिक्त बैठक में पहली बार संस्कृत शिक्षा के अन्तर्गत संचालित राजकीय एव राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को केन्द्रीय सहायता दिये जाने हेतु राज्य के प्रस्ताव पर विचार किया गया।
भारत सरकार के सम्मुख राज्य के शिक्षा सचिव रविनाथ रामन द्वारा प्रस्ताव रखा गया जिसका सचिव भारत सरकार द्वारा संज्ञान लिया गया। उनके द्वारा प्रकरण पर अधिक विस्तृत जानकारी भी मांगी गयी जिसके लिए संस्कृत शिक्षा निदेशक डॉ. आनन्द भारद्वाज द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसके उपरान्त राज्य द्वारा प्रस्तुत 6 करोड के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति इस आशय से दी गयी कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के स्तर पर इसका परीक्षण तत्काल कर दिया जायेगा तथा मानक के अनुरूप गतिविधियो को अनुमोदन दिया जा सकता है। उक्त की संस्तुति समग्र शिक्षा के संस्तुतियों के साथ राज्य को दे दी जायेगी।
वित्तीय वर्ष 2025 26 के लिए भारत सरकार द्वारा केन्द्र पोषित योजनाओं के अन्तर्गत धनराशि स्वीकृत किये जाने पर शिक्षा मंत्री जी द्वारा केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान एवं सचिव भारत सरकार का आभार प्रकट किया गया तथा सचिव एवं महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड सहित समस्त टीम की इस कार्य के लिए सराहना की गयी। राज्य की ओर से बजट अनुमोदन हेतु आयोजित उक्त बैठक में, नियोजन पटल समग्र शिक्षा के अजीत भण्डारी उप राज्य परियोजना निदेशक, पल्लवी नैन, मदन मोहन जोशी, प्रद्युमन सिंह रावत, केएन बिजल्वाण, रंजन भट्ट, अनिल ध्यानी, अजय शर्मा, अनित कोठियाल, अरविन्द भट्ट आदि भी उपस्थित रहे।


