गोपेश्वर : एनटीपीसी जल विद्युत परियोजना और स्थानीय ग्रामीणों के बीच चारा-पत्ती और रोजगार के मुद्दों पर खींचतान तेज हो गई है। 7 अप्रैल को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक बेनतीजा रहने के बाद, ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। जहाँ ग्रामीण 70% स्थानीय रोजगार और चारा-पत्ती के स्थायी समाधान की मांग पर अड़े हैं, वहीं एनटीपीसी द्वारा केवल 50% रोजगार और चारा-पत्ती के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ का प्रस्ताव देने से गतिरोध गहरा गया है। इसी सिलसिले में बुधवार को जिलाधिकारी से मिलने पहुँचे प्रतिनिधिमंडल ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। इस संघर्ष को स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है,
प्रतिनिधिमंडल में रविग्राम सभासद प्रवेश डिमरी, प्रधान संघ अध्यक्ष मोहन बेंजवाल, विपुल करणी, पंकज बिष्ट, तपोवन प्रधान पूनम पंत, भंग्यूल प्रधान मिथिलेश फर्स्वाण, कुंडी खोला प्रधान ,विक्रम सिंह, पैनी प्रधान विनीता मंगाई, बीना देवी, और समाजसेवी अजीत पाल ने मुखरता से अपनी आवाज बुलंद की। इस अवसर पर विधायक लखपत सिंह बुटोला और ब्लॉक प्रमुख ज्योतिर्मठ अनूप नेगी ने भी जनप्रतिनिधि मंडल के साथ जिलाधिकारी चमोली से मुलाकात की और सभी लोगों की मांग को जायज बताया।





