गोपेश्वर (चमोली)। टीईटी अनिवार्यता को समाप्त करने तथा पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षकों ने गोपेश्वर में कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया।
प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले संघ के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह नेगी के नेतृत्व में प्राथमिक शिक्षकों ने गोपेश्वर के कलेक्ट्रेट परिसर में मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच धरना दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आरटीई एक्ट के लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले को लगातार उठाने के बावजूद अभी तक सरकारी स्तर से कोई पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस अनिवार्यता को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने औपबंधिक शिक्षकों को भी टीईटी से मुक्त रखने की मांग उठाई। वक्ताओं न कहा कि पुराने पेंशन की बहाली कर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि शिक्षक लगातार इन मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। टीईटी की अनिवार्यता ने तो शिक्षकों के भविष्य को रसातल की ओर अग्रसर कर दिया है। इससे शिक्षक अपने भविष्य को लेकर मुश्किलों में घिर गए हैं। वक्ताओं ने यह भी कहा कि इन मांगों को लेकर यदि सरकार ने गंभीर पहल नहीं की तो फिर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस अवसर पर संगठन के जिला मंत्री मुकेश नेगी, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह फरस्वाण, मीडिया प्रभारी विनोद देवली, बरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन सिंह रावत, संयुक्त मंत्री महिपाल चैहान, पूर्व जिलाध्यक्ष यद्धुवीर बिष्ट, संगठन मंत्री कर्णसिंह नेगी, आडिटर मुकेश बिष्ट, नंदानगर के ब्लाॅक अध्यक्ष प्रेम नौटियाल, कर्णप्रयाग के त्रिलोक सिंह नेगी, गैरसैण के पुष्कर बिष्ट, जोशीमठ के विनोद बिष्ट, नारायणबगड के परमानंद सती, थराली के सुरेंद्र फरस्वाण, देवाल के दर्शन धपोला तथा दशोली के अध्यक्ष विक्रम सिंह झिक्वाण आदि ने विचार व्यक्त किए।
धरना प्रदर्शन के बाद शिक्षक नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा राज्य के शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इन सभी मांगों के तत्काल निस्तारण की गुहार लगाई गई है।



