पोखरी (चमोली)। जनपद के पोखरी ब्लॉक के कर्मचारियों के वेतन आहरण को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ने के जिलाधिकारी के आदेश का शिक्षक संगठनों ने विरोध किया है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन का कहना है कि इस आदेश के बाद शिक्षक-कर्मचारियों के वेतन व ई-बिल भुगतान की प्रक्रिया बाधित हो गई है।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष उपेंद्र सती ने बताया कि जनपद के प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूलों में अधिकतर स्थानों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। कई विद्यालय दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां बिजली, नेटवर्क और अन्य बुनियादी संसाधनों का अभाव है। ऐसी स्थिति में बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य किया जाना व्यवहारिक नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत शिक्षक-कर्मचारियों का आहरण-वितरण अधिकारी विकासखंड स्तर पर उप शिक्षा अधिकारी होता है, जबकि समग्र शिक्षा मद से वेतन पाने वाले कर्मचारियों का आहरण जिला स्तर पर परियोजना अधिकारी द्वारा किया जाता है। इस व्यवस्था के चलते बायोमेट्रिक उपस्थिति को वेतन भुगतान से जोड़ना तकनीकी और प्रशासनिक रूप से भी जटिल हो गया है।
शिक्षक संगठन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनपद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति की अनिवार्यता से मुक्त रखते हुए उनके वेतन आहरण के लिए पृथक आदेश जारी किया जाए, ताकि वेतन भुगतान में आ रही बाधा दूर हो सके।



