देहरादून: हरिद्वार जिले के लक्सर उप जिलाधिकारी रहीं पीसीएस संगीता कनौजिया का आज निधन हो गया है। 4 महीने सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। 30 अप्रैल को न्यूरो सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनके गले एवं स्पाइन सर्जरी की थी। उनकी गर्दन, छाती और सिर में गहरी चोटें आईं थी। आज वह जिंदगी की जंग हार गई। 26 अप्रैल को लक्सर रुड़की मार्ग पर एसडीएम संगीता कनौजिया की गाड़ी एक भीषण हादसे की शिकार हो गई थी। इस हादसे में उनके चालक गोविंद राम की दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि एसडीएम संगीता कनौजिया की हालत गंभीर बनी हुई थी। एम्स ऋषिकेश के क्रिटिकल केयर यूनिट पर उनको भर्ती कराया गया था। उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था। गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे उनका निधन हो गया। एसडीएम संगीता कनौजिया की गाड़ी के ट्रक के साथ जबरदस्त टक्कर हादसे के बाद तब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुर्घटनाग्रस्त के मजिस्ट्रीयल जांच के निर्देश दिए थे। बता दें कि संगीता शांति नगर ऋषिकेश निवासी रमेश कनौजिया की पुत्री हैं।
हरिद्वार जनपद के लक्सर तहसील में तैनात एसडीएम संगीता कन्नौजिया का गुरुवार सुबह एम्स ऋषिकेश में निधन हो गया। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 26 अप्रैल को उन्हें इलाज हेतु एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। इस वर्ष 26 अप्रैल को लक्सर में सड़क दुर्घटना के दौरान एसडीएम संगीता कन्नौजिया गंभीर रूप से घायल हो गई थी। गंभीर अवस्था में होने के कारण उनका एम्स ऋषिकेश की क्रिटिकल केयर यूनिट ( सीसीयू ) में इलाज चल रहा था। इस बारे में जानकारी देते हुए एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि उन्होंने गुरूवार 8 सितम्बर की सुबह करीब 9 बजे अन्तिम सांस ली। उन्होंने बताया कि वह सीसीयू में भर्ती थी और पिछले साढ़े चार महीने से उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। उनकी रीढ़ की पूरी हड्डी में चोट, मस्तिष्क तथा सीने में चोट के साथ-साथ दाहिने हाथ के ऊपर का फ्रैक्चर था। सड़क दुर्घटना के दौरान लगी कई चोटों और तब से लगातार चल रही वेंटिलेटर सपोर्ट की वजह से उनका सांस लेने में नियन्त्रण समाप्त हो चुका था और लंबे समय तक डायलिसस पर रहने के कारण गुर्दे सहित उनके शरीर के अन्य अंगों ने भी काम करना बन्द कर दिया था।


