कर्णप्रयाग (चमोली)। शनिवार रात हुई भारी बारिश से राजकीय इंटर कॉलेज कर्णप्रयाग के मुख्य गेट के समीप का हिस्सा और सुरक्षा दीवार भूस्खलन की चपेट में आकर ढह गई। इससे नीचे स्थित एक आवासीय मकान की छत पर भारी मलबा और एक बड़ा पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
भूस्खलन के कारण विद्यालय परिसर से मलबा मकान की छत पर जमा हो गया, जबकि ऊपर से बड़े पेड़ भी टूटकर मकान पर आ गिरे। मकान स्वामी राधेश्याम ने बताया कि विद्यालय परिसर में हुए ट्रीटमेंट के दौरान मिट्टी डाली गई थी, जो बारिश में खिसकने से सुरक्षा दीवार ढह गई। उन्होंने यह भी कहा कि मकानों के ऊपर खड़े पेड़ों को हटाने की मांग पहले भी की गई थी, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हुई।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ने घटना को विभागीय लापरवाही बताते हुए कहा कि कुछ माह पहले ही विद्यालय की सुरक्षा दीवार और मैदान का उपचार किया गया था, लेकिन पहली ही भारी बारिश में दीवार ढह जाना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।
सूचना मिलने पर प्रशासन और डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। उपजिलाधिकारी अलकेश नौडियाल ने बताया कि निरीक्षण के बाद डीडीआरएफ ने मकान की छत पर गिरे पेड़ को काटकर हटा दिया है तथा मलबा हटाने का कार्य भी जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मकान के लिए खतरा बने अन्य पेड़ों को हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। बरसात को देखते हुए प्रभावित परिवार के अस्थायी ठहरने की व्यवस्था राजकीय इंटर कॉलेज कर्णप्रयाग में की गई है। मौके पर उपनिरीक्षक विवेक रावत सहित स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।



