मंगलवार, जून 23, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
23rd जून 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

मेडिकल में पढ़ाई का दबाव व कई चुनौतियां आत्महत्या के बन रहे कारण

शेयर करें !
posted on : मई 26, 2024 1:53 अपराह्न
देहरादून।  मेडिकल की पढ़ाई  में दबाव व अन्य कारणों से देश भर के विभिन्न मेडिकल काॅलेजों में आत्महत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं। मेडिकल स्टुडेंट्स की आत्महत्या से जुड़े ऐसे सभी मामले देश भर में चिंता का सबब बने हुए हैं। आत्महत्या से जुड़े इन मामलों के कारणों और परिस्थितयों पर एनएमसी सहित कई एजेंसिया व संस्थान अपने अपने स्तिर से चिंता जाहिर करते रहे हैं। दि टाइम्स ऑफ इण्डिया की एक हालिया रिपोर्ट ने मेडिकल स्टूडेंट्स की आत्महत्या के कारणों से जुड़े कई सनसनीखेज़ पहलुओं को उजाकर किया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) भी कई मंचों पर इस मुद्दे को लेकर चिंता जाहिर कर चुका है। आत्महत्या व मानसिक तनाव के मामलों की रोकथाम एवम् समाधान हेतु नेशनल मेडिकल कमीशन (एन.एम.सी.) ने नेशनल टास्क फोर्स का गठन किया है। एनएमसी ने 21 मई 2024 को एक पब्लिक नोटिस निकालकर यह जानकारी सांझा की है। नेशनल टास्क फोर्स मेडिकल स्टूूडेंटस के मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति का ध्यान रखेगी। 
एसजीआरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज ने काॅलेज में हुए आत्महत्या प्रकरण पर विस्तृत जांच की मांग रखी है। मेडिकल काॅलेज चाहता है कि आत्महत्या के सही कारणों का खुलासा हो। देश के सामने आत्महत्या के कारणों की सही जानकारी सामने आए। यह भी एक बड़ा सवाल है कि मेडिकल शिक्षण संस्थान, एनएमसी और मेडिकल की पढ़ाई से जुड़े सभी आवश्यक कारकों का दोबारा मूल्यांकन कर ऐसी व्यवस्था बन पाए जो मेडिकल काॅलेजों में स्टुडेंट्स के आत्महत्या के मामलों पर अंकुश लगा सके। पिछले पाॅच सालों में देश भर के विभिन्न मेडिकल काॅलेजों में 122 मेडिकल छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या की है। आंकडे तस्दीक करते हैं कि इनमें से 64 एमबीबीएस और 58 पीजी के स्टूडेंट्स ने आत्महत्या की है। पिछले पाॅच सालों में 1270 स्टूडेंट् ने मेडिकल की पढ़ाई बीच में ही छोड दी। अधिकांश मामलों में पढ़ाई का भारी दबाव, छात्र की खुद की मानसिक क्षमता से अधिक क्षमता के विषय को चुनना, मेडिकल की पढ़ाई में सामन्जस्य न बना पाना, सहित कई पारिवारिक व निजी कारण शामिल रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि मेडिकल की पढ़ाई कठिन होती है। मेडिकल एजुकेशन की रेग्यूलेट्री बाॅडी नेशनल मेडिकल कमीशन के नियमों का काॅलेज और स्टुडेंट्स को सख्ती से पालन करना होता है। 
पिछले दिनों देहरादून के एसजीआरआर मेडिकल काॅलेज में मेडिकल छात्र डाॅ देवेश गर्ग के आत्महत्या प्रकरण में भी कुछ ऐसे ही तथ्य सामने आ रहे हैं। मामले से सम्बन्धित आंतरिक व पुलिस जांच प्रगतिशील है। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ आत्महत्या से जुड़े मामले की हर कोण से निष्पक्ष जांच की मांग कर चुका है। मेडिकल काॅलेज द्वारा गठित आंतरिक जांच कमेटी में भी कई तथ्य सामने आ चुके हैं। जांच में सामने आ रहे तथ्यों को अलग अलग कोणों से आत्महत्या प्रकरण को जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस जांच में भी उन तथ्यों को उपलब्ध करवाया गया है। 

विशेषज्ञों की नजर में आत्महत्या के कारणों को इस नजरिए से भी देखना जरूरी

  1. मेडिकल में दाखिले के बाद स्टूडेंट किस मानसिक स्तर पर पढ़ाई को तैयार ?
  2. क्या स्टूडेंट किसी मानसिक समस्या की परेशानी में तो नहीं है ?
  3. कहीं वह मेडिकल की पढ़ाई को बोझ की तरह तो नहीं उठा रहा ?
  4. एमबीबीएस और पीजी में एक बार प्रवेश के बाद कोर्स छोड़ना आसान नहीं
  5. नियमानुसार कोर्स छोड़ने पर पूरी फीस जमा करने का प्रावधान, सामाजिक एवम् पारिवारिक दबाव व कई अन्य कारणों से कोर्स पूरा न कर पाने वाले स्टूडेंट्स हो जाते हैं डिप्रेशन का शिकार
  6. कुछ मेडिकल काॅलेजों में एसा नियम भी है कि मेडिकल काॅर्स बीच में छोडने पर कुछ वर्षों तक वह स्टूडेंट उस मेडिकल काॅलेज में प्रवेश के लिए अयोग्य हो जाता है

डाॅ देवेश गर्ग से जुड़े मामले में कई तथ्य सामने आए

  1.  पीजी ज्वाइनिंग के बाद से परेशान चल रहे थे डाॅ देवेश गर्ग
  2. पिता के साथ उनकी मेडिकल काॅलेज में काउंसलिंग कर पीजी जारी रखने पर सहमत हुए
  3. मेडिकल काॅलेज के सामने जांच में ऐसी जानकारी भी आ रही सामने कि नींद की गोलियों का इस्तेमाल भी करते थे डाॅ देवेश
  4. राजस्थान की एक महिला डाॅक्टर के सम्पर्क में थे, उस एंगल पर भी हो रही है जांच
  5. मोबाइल नम्बर, व्हाट्सअप चैट्स, फेसबुक इंस्ट्राग्राम व सोशल मीडिया प्लेटफार्म के साक्ष्य भी जांच में बनेंगे मददगार
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1-1.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • उत्तराखंड में मातृ रेफरल ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग एवं ऑडिट प्रणाली होगी लागू
  • ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत शांति भंग करने वाले 2 युवकों को श्रीनगर पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • राम मंदिर चंदा घोटाला : SIT ने सौंपी 150 पन्नों की रिपोर्ट, टिन्नू समेत 5 पर FIR की तैयारी, PMO के निर्देशों का इंतजार
  • UPSC में 538 पदों पर भर्ती, प्रोफेसर, वैज्ञानिक और मेडिकल विशेषज्ञों के लिए सुनहरा अवसर
  • पाबौ-पैठाणी क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात, करोड़ों रुपये की सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण
  • कोटद्वार : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सरस्वती विद्या मंदिर में योगाभ्यास एवं ऑनलाइन क्विज का आयोजन
  • नशे में स्टेयरिंग थामने वालों पर पौड़ी पुलिस का शिकंजा, 168 वाहन चालकों पर कार्रवाई
  • लिव-इन रिलेशनशिप में रहने से किया इनकार, युवक ने झोंका फायर, तमंचे के साथ गिरफ्तार
  • उत्तराखंड : 27 जून तक पहाड़ के इन जिलों में हो सकती है बारिश, ऐसा रहेगा मैदानी क्षेत्रों का मौसम
  • एसजीआरआरआईएमएचएस में आयोजित हुई 6वीं पीडी-टेम कार्यशाला, बाल किडनी आपात चिकित्सा सेवाओं को सशक्त बनाने पर विशेषज्ञों का जोर
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.