नई दिल्ली/देहरादून : उत्तराखंड की राजनीति में शनिवार को बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला। दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।
कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक नारायण पाल, घनसाली से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, रुड़की के पूर्व महापौर गौरव गोयल, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और लाखन सिंह नेगी शामिल हैं। इन नेताओं के शामिल होने से राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
कांग्रेस ने इसे अपने लिए बड़ा राजनीतिक संकेत बताते हुए दावा किया कि भाजपा का जनाधार कमजोर हो रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है, जिसके चलते अब उसके नेता कांग्रेस का रुख कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि पार्टी के पास ऐसे नेताओं की एक लंबी सूची है, जो कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल छह नेताओं ने औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण की है और आने वाले समय में यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
वहीं, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने कहा कि राज्य की जनता का रुझान तेजी से कांग्रेस की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों से जनता का मोहभंग हो रहा है, जिसका असर अब पार्टी के नेताओं पर भी दिखाई देने लगा है।
पार्टी ने नए शामिल हुए नेताओं का स्वागत करते हुए इसे संगठन के लिए मजबूती का संकेत बताया है। साथ ही कार्यकर्ताओं में भी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। कांग्रेस का दावा है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में भाजपा के और भी वरिष्ठ नेता पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने पक्ष में माहौल बनने का संकेत बताया है और राज्य में सरकार बनाने का दावा दोहराया है।





