पौड़ी / देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में डिजिटल माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायतों (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत) को कुल 238.38 करोड़ रूपये की धनराशि का हस्तान्तरण किया। जिसमें 15वें वित्त आयोग की प्रथम किश्त एवं राज्य वित्त आयोग की धनराशि का एक साथ डिजिटल हस्तान्तरण किया गया। जिसमें उत्तराखण्ड की 7791 ग्राम पंचायतों, 95 क्षेत्र पंचायतों एवं 13 जिला पंचायतों के लिए 15 वें वित्त आयोग की 143.50 करोड़ रूपये की अनटाईड अनुदान धनराशि एवं राज्य वित्त आयोग की 94.88 करोड़ की धनराशि शामिल है।
डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत 15 वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग द्वारा पंचायतों हेतु संस्तुत अनुदानों को ऑनलाईन एक साथ डिजिटल हस्तान्तरण के माध्यम से संबंधित पंचायतों को हस्तान्तरित करने की शुरूआत की गई। इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रथम चरण में 09 फरवरी 2020 को हरिद्वार में आयोजित जिला पंचायत अध्यक्षों/उपाध्यक्षों एवं क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के अभिमुखीकरण कार्यक्रम में केन्द्रीय पंचायतीराज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा 14वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग की धन राशियों के एकमुश्त डिजिटल हस्तान्तरण की शुरूआत की गई।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि भारत सरकार द्वारा लागू प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया का प्रोग्राम का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को उन्नत करना, सरकारी योजनाओं की जानकारी आॅनलाईन पंहुचाना एवं ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री जी द्वारा राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2020 को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल का शुभारम्भ किया गया। उन्होंने कहा कि इससे जहां एक ओर राजकीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी वहीं पोर्टल के माध्यम से पंचायत को केन्द्रीय वित्त एवं राज्य वित्त व अन्य स्त्रोतों से प्राप्त धनराशि एवं पंचायत में कराये जा रहे विकास कार्यों की प्रगति के साथ-साथ अन्य जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने कहा कि पंचायतों को एक साथ धनराशि का डिजिटल हस्तान्तरण से पंचायतों को विकास परक योजनाओं के साथ-साथ कोरोना वायरस महामारी से ग्रामवासियों के बचाव हेतु आवश्यक उपायों और बाहर से आये नागरिकों को संस्थागत क्वारंटीन सबंधी व्यवस्था हेतु सामुदायिक भवनों की स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, सैनिटाइजेशन एवं अन्य आवश्यक कार्यों को पूर्ण करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि वित्त विभाग के शासनादेश के अनुसार केन्द्रीय वित्त के संदर्भ में प्राथमिक अनुदान अनटाईड है, जिसका उपयोग स्थानीय निकायों द्वारा स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है। राज्य वित्त आयोग की अनुदान राशि से निर्वाचित जन प्रतिनिधियों का मानदेय पंचायतीराज विभाग द्वारा भुगतान किया जायेगा। अवशेष धनराशि में से 20 प्रतिशत धनराशि कोरोना महामारी के बचाव हेतु प्रचार-प्रसार, सेनेटाईजेशन व महामारी से सबंधित अन्य कार्यों पर व्यय की जायेगी। इसके अलावा जलापूर्ति व्यवस्था, सीवरेज ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल निकासी एवं स्वच्छता, सामुदायिक परिसम्पतियों के रख-रखाव, स्ट्रीट लाईट तथा आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण/अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण एवं सामुदायिक भवन निर्माण आदि विकास कार्य किये जायेंगे। इस अवसर पर सचिव पंचायतीराज बृजेश कुमार संत, निदेशक पंचायतीराज एच.सी. सेमवाल एवं पंचायतीराज विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जनपद पौड़ी गढ़वाल से संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने वीडियों कांफ्रेंस के माध्यम से उक्त कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। जनपद पौडी गढवाल को 15वें वित्त आयोग की विकास खण्ड बीरोखाल, द्वारीखाल, दुगड्डा, एकेश्वर, जयहरीखाल,कल्जीखाल, खिर्सू, कोट, नैनीडांडा, रिखणीखाल, थलीसैण, यमकेश्वर, पौडी, पावौ तथा पोखडा के क्षेत्र पंचायतों को हस्तान्तरित धनराशि 149.12 लाख एवं ग्राम पंचायतों को हस्तान्तरित धनराशि 1227.54 लाख की गई।
जनपद पौडी गढवाल में 15वें वित्त आयोग की कुल 1376.66 लाख की धनराशि पीएफएमएस द्वारा एवं इसी प्रकार चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की समस्त विकास खण्ड की ग्राम पंचायतों को 111.85 लाख की धनराशि तथा क्षेत्र पंचायतों को 77.93लाख की धनराशि का हस्तान्तरण मुख्यमंत्री द्वारा पीएफएमएस के माध्यम से कर दिया गया है। विकास भवन विडियो कांफ्रेंसिंग सभागार में प्रमुख पौडी दीपक कुमार खुकशाल ने बताया गया है कि यह एक सराहनीय कदम है इससे ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत में पैसा पहुंचने में देर नही लगेगी तथा विकास योजनाओं में गति आयेगी। इसके लिए उन्होने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया है।
जिला पंचायतराज अधिकारी एमएम खान द्वारा अवगत कराया गया कि उत्तराखण्ड पूरे भारत देश में पहला राज्य होगा जहां पर कोविड-19 कोरोना संक्रमण काल में निदेशालय पंचायतीराज उत्तराखण्ड देहरादून द्वारा एक सराहनीय कदम उठाया गया है। इससे जहां एक ओर विकास कार्यो को गति मिलेगी वहीं दूसरी ओर समस्त प्रमुख एवं प्रधानगणों को अपने-अपने विकास खण्डों एवं ग्राम पंचायतों में प्राप्त धनराशि का 50 प्रतिशत टाईड फंड तथा 50 प्रतिशत अनटाईड फंड प्रयोग करने के लिए सुगमता भी होगी। ग्राम प्रधान रेवडी गजेन्द्रसिंह द्वारा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर इन्डसंड बैक के मैनेजर सन्दीप रावत, नवीन शाह, सहायक विकास अधिकारी(पं.) पौडी राजेन्द्र शाह, सहायक विकास अधिकारी(पं.) नितिन नौटियाल, प्रधान ग्राम पंचायत केसुन्दर सुमन रावत विकास खण्ड पौडी व अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।





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