पौड़ी : जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में जिला प्रशासन एवं पूर्ति विभाग द्वारा व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के तहत गैस गोदामों, पेट्रोल पंपों और विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई।
अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कुल 112 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इनमें 7 गैस गोदाम, 2 पेट्रोल पंप और 103 व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल रहे। निरीक्षण के तहत कोटद्वार क्षेत्र में 1 गैस गोदाम और 6 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जबकि दुगड्डा में 4 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। कोट-खोलाचौरी में 12, चेलूसैंण में 4 और पाबौ में 15 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई। पाबौ में घरेलू सिलेंडर के दुरुपयोग पर 2300 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसी प्रकार लैंसडाउन में 4, धुमाकोट में 5 और नौगांवखाल में 10 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। लक्ष्मणझूला में 1 गैस गोदाम, थलीसैंण में 1 गैस गोदाम और 1 पेट्रोल पंप तथा उफरैंखाल में 1 गैस गोदाम और 4 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई। चाकीसैंण क्षेत्र में 1 पेट्रोल पंप और 12 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जबकि पौड़ी में 15 प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान एक मामले में 2300 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं श्रीनगर गैस गोदाम में कार्रवाई के दौरान 9 सिलेंडर संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने पर जब्त किए गए।
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। जहां भी गड़बड़ी मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है और आगे भी सख़्ती जारी रहेगी।






