शनिवार, मार्च 14, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
Advertisement
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
14th मार्च 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

मसूरी : 182 साल बाद बदला इस फेमस गार्डन का नाम, ये है नई पहचान

शेयर करें !
posted on : नवम्बर 24, 2024 1:41 पूर्वाह्न

मसूरी : नाम बदलने का सिलसिला जारी है। सरकार हर उस चीज का नाम बदलना चाहती है, जिसे अंग्रेजों ने बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अंग्रेजों की गुलामी के प्रतीकों को बदल दिया जाएगा। उसीके अनुसार मसूरी के फेमस कंपनी गार्डन का नाम भी बदल दिया गया है। जल्द, एमपीजी कॉलेज और टाउन हॉल का नाम भी बदल दिया जाएगा।

पहाड़ों की रानी मसूरी का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कंपनी गार्डन अब अटल उद्यान के नाम से जाना जाएगा। अंग्रेजों का दिए नाम कंपनी गार्डन को 182 साल बाद बदल दिया गया है। कंपनी गार्डन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाने की तैयारी है।

कंपनी गार्डन मसूरी में एक प्रमुख पिकनिक स्थल है। इसे पहले मसूरी के बॉटनिकल गार्डन के नाम से जाना जाता था। प्रसिद्ध भूविज्ञानी डॉ. एच. फैकनर ने 20वीं सदी की शुरुआत में इस गार्डन का निर्माण करवाया था। इस उद्यान में लॉन की एक हरी-भरी कालीन है और एक फव्वारा है, जो इसके केंद्र में स्थित है। इसमें लगभग 800 विभिन्न प्रकार के फूल हैं, जिनमें डहलिया, बेगोनिया, फैंसी और पेटुनिया शामिल हैं। गार्डन में एक नर्सरी है, जो बिक्री के लिए पौधों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती है।

इसकी स्थापना 1842 में डॉ. एच. फैकनर ने वर्ष 1842 में अंग्रेज अधिकारियों के लिए अवकाश स्थान उपलब्ध कराने के लिए बनवाया था। मूल रूप से मसूरी के बॉटनिकल गार्डन के रूप में जाने जाने वाले इन उद्यानों को उनके बागवानी महत्व के लिए जाना जाता था और ये अवकाश और सामाजिक मेलजोल के लिए एक केंद्र के रूप में काम करते थे।

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/01/Video-Nivesh_UK.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • गणेशपुर में 30 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, जेसीबी से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
  • सांसद डॉ. नरेश बंसल ने स्वदेश दर्शन परियोजनाओं पर उठाया सवाल, पर्यटन मंत्री ने दी विस्तृत जानकारी
  • कांग्रेस विधायकों ने रसोई गैस संकट पर सरकार को घेरा
  • महिलाओं की समस्याओं का होगा जल्द निदान
  • उक्रांद नेता काशी सिंह ऐरी व पुष्पेश त्रिपाठी को पुलिस ने पांडुवाखाल में किया गिरफ्तार
  • कोटद्वार में पिकअप से 35 गैस सिलेंडर बरामद, चालक पर एफआईआर की कार्रवाई
  • बीकेटीसी की दस्तूर उपसमिति का बड़ा फैसला, तीर्थ पुरोहितों के दस्तूर में 10–20% तक बढ़ोतरी
  • सोशल मीडिया पर महिला के निजी फोटो वायरल करने व जान से मारने की धमकी देने वाला अभियुक्त गिरफ्तार
  • नीलम देवी की गाय बनी चैंपियन, पशुपालकों को दिए गए पुरस्कार
  • जिला सहकारी विकास समिति की बैठक में सहकारिता समितियों को सशक्त कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने पर जोर
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.