गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र इस बार गैरसैंण के भराड़ीसैंण में नहीं होगा। सत्र देहरादून में ही आयोजित किया जाएगा। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने गैरसैंण में मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस साल भराड़ीसैंण में बजट सत्र आयोजित हो चुका है, इसलिए मानसून सत्र देहरादून में ही होगा।
दरअसल, वर्ष 2016 में तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने विधानसभा का एक सत्र गैरसैंण अथवा भराड़ीसैंण में आयोजित करने का प्रावधान किया था। इसके बाद मौसम की अनुकूलता को देखते हुए फरवरी या मार्च में भराड़ीसैंण में बजट सत्र आयोजित किए जाते रहे हैं। हालांकि वर्ष 2024 और 2025 में भराड़ीसैंण में बजट सत्र आयोजित नहीं हो सका था। इसके चलते दोनों वर्षों में अगस्त में मानसून सत्र भराड़ीसैंण में आयोजित किया गया।
वर्ष 2026 के फरवरी में भराड़ीसैंण में विधानसभा का बजट सत्र आयोजित हो चुका है। ऐसे में इस बार मानसून सत्र देहरादून में आयोजित होने की स्थिति साफ हो गई है।
तैयारियों की बैठक से बढ़े थे कयास
हाल में चमोली जिला प्रशासन की ओर से भराड़ीसैंण में व्यवस्थाओं को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सत्र के दौरान सामने आने वाली व्यवस्थागत कमियों को दूर करने और संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि सरकार मानसून सत्र भी गैरसैंण में आयोजित कर सकती है।
विधानसभा चुनाव 2027 से पहले गैरसैंण में मानसून सत्र आयोजित करने को सरकार के संभावित ‘गैरसैंण कार्ड’ के तौर पर भी देखा जा रहा था। माना जा रहा था कि पर्वतीय क्षेत्र में सत्र आयोजित कर सरकार गैरसैंण को लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर सकती है।
हालांकि जिलाधिकारी गौरव कुमार ने इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भराड़ीसैंण में व्यवस्थाओं को लेकर बैठक रूटीन प्रक्रिया के तहत की गई थी। इसका मतलब यह नहीं था कि गैरसैंण में मानसून सत्र की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
डीएम ने कहा कि साल में एक सत्र गैरसैंण में आयोजित करने का प्रावधान है और इस वर्ष बजट सत्र भराड़ीसैंण में हो चुका है। इसलिए अब मानसून सत्र देहरादून में ही आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि भराड़ीसैंण में व्यवस्थाओं से जुड़ी कमियों को दूर करने का काम संबंधित विभागों की ओर से लगातार किया जा रहा है।



