posted on : जनवरी 8, 2026 4:20 अपराह्न
कोटद्वार । उत्तराखंड बार काउंसिल चुनाव को लेकर प्रदेश भर में अधिवक्ताओं के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। इसी क्रम में कोटद्वार के अधिवक्ता अजय पंत ने बार काउंसिल के सदस्य पद के लिए नैनीताल में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके नामांकन से खासतौर पर कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों के अधिवक्ताओं में उत्साह और नई उम्मीद देखने को मिल रही है।
नामांकन के बाद अधिवक्ता अजय पंत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका चुनाव लड़ने का उद्देश्य पद हासिल करना नहीं, बल्कि अधिवक्ता समाज की वास्तविक समस्याओं को सामने लाना और उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि युवा अधिवक्ता आज कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिन पर बार काउंसिल स्तर पर गंभीरता से काम किए जाने की जरूरत है। कहा कि प्रदेश के न्यायालय परिसरों में अधिवक्ताओं के लिए मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। बैठने की उचित व्यवस्था, पुस्तकालय, शुद्ध पेयजल, शौचालय, पार्किंग और डिजिटल संसाधनों जैसी सुविधाएं आज भी कई जगहों पर अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें बार काउंसिल का सदस्य बनने का अवसर मिलता है, तो वे इन बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से युवा अधिवक्ताओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि नए वकीलों को न तो पर्याप्त मार्गदर्शन मिल पाता है और न ही उनके लिए कोई ठोस सहायता प्रणाली मौजूद है। उनका मानना है कि यदि युवाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण और सहयोग मिले, तो वे न्याय व्यवस्था को और अधिक मजबूत बना सकते हैं।
अधिवक्ता अजय पंत ने कहा कि अधिवक्ता समाज एक बुद्धिजीवी वर्ग है, जो लोकतंत्र और कानून व्यवस्था की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद, लंबे समय से इस वर्ग की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे बार काउंसिल में अधिवक्ताओं की सशक्त आवाज बनेंगे और बिना किसी दबाव के उनके हितों की लड़ाई लड़ेंगे। वहीं अधिवक्ता अजय पंत के समर्थकों का कहना है कि अजय पंत जमीनी स्तर से जुड़े हुए अधिवक्ता हैं और वे अधिवक्ता समाज की समस्याओं को करीब से समझते हैं। ऐसे में उनका चुनाव लड़ना बार काउंसिल के लिए एक सकारात्मक बदलाव साबित हो सकता है।




