कोटद्वार । हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विजय दिवस धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर भारत एवं पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को याद कर श्रद्धांजलि दी गई ।

बुधवार को जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास लैंसडौन की ओर से कोटद्वार के सैनिक विश्राम गृह में विजय दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर उन्होंने वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के शहीदों की कुर्बानी याद करते हुए लोगों से सदैव वीरों को याद करने की अपील की। कहा कि भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन है। मात्र 13 दिन के ऑपरेशन में इसी दिन भारतीय सैनिकों के साहस व बहादुरी के सामने नत-मस्तक होकर पाकिस्तानी सेना के 93 हजार सैनिकों को आत्मसमर्पण करना पड़ा था। हमारे सैन्य इतिहास की यह सबसे बड़ी विजय थी। उन्होने 1971 भारत-पाक युद्ध के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि हमारे सैनिकों के पराक्रम से पाकिस्तानी सैनिकों का मनोबल टूट गया था। इस युद्ध में हमारे उत्तराखंड के भी कई सैनिक शहीद हुए थे ।
उत्तराखण्ड, देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है। यहां सदैव देशभक्ति व राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रही है। वीर सैनिक देश की सरहदों में रात दिन देश की रक्षा कर रहे हैं, तभी जाकर देश के लोग चैन की नींद सो रहे हैं। इस अवसर पर पूर्व सैनिक लीग के संरक्षक ले. कर्नल बीएस गुसाईं (सेनि), अध्यक्ष ले. कर्नल बीबी ध्यानी (सेनि), जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास के सहायक अधिकारी कैप्टन दरवान सिंह गुसाईं (सेनि) , पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, पुलिस उपाधीक्षक कोटद्वार अनिल कुमार जोशी, उप जिलाधिकारी कोटद्वार योगेश सिंह मेहरा, नगर आयुक्त पी एल शाह आदि मौजूद थे।





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