कोटद्वार / पौड़ी : व्यापारियों की मांग को लेकर प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने उपजिलाधिकारी कोटद्वार के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया. ज्ञापन में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष विवेक अग्रवाल ने कहा कि प्रान्तीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तराखंड प्रदेश में एकमात्र सर्वव्यापी संगठन है जिसकी 362 इकाईयां विभिन्न नगर/कस्बों में कार्यरत हैं.
विवेक अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री से ज्ञापन के माध्यम से कहा कि सरकार द्वारा सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन लगाने से कोरोना संक्रमण फैलने से नहीं रोका जा सकता है जबकि बंद केवल व्यवसायिक प्रतिष्ठानों तक ही सीमित है । हमारा संगठन ऐसे अव्यवहारिक और औचित्यहीन लॉक डाउन का विरोध करता है और माँग करता है कि इस प्रकार के लॉक डाउन को तत्काल प्रभाव से हटाने की कृपा करेंगे।
महामंत्री राजेश त्रिपाठी ने ज्ञापन के माध्यम मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि कोरोना संक्रमण काल के चार माह के लॉक डाउन ने लघु उद्योग/ पर्यटन/ तीर्थाटन/ होटल/ रैस्टोरेंट/ इलैक्ट्रानिक/ इलैक्ट्रिक/ ऑटोमोबाइल/ ट्रांसपोर्ट/ ज्वैलरी/रियल एस्टेट/ निर्माण/ रेडीमेड/ कपड़ा /शादी विवाह से जुड़े बैंकेट हाल /टैंट व्यवसाय/ कैटरिंग/व्यापारियों की कमर तोड़ दी है व सभी व्यापार चौपट हो गये हैं नोट बंदी के बाद से व्यापार मंदी की चपेट में थे परन्तु कोरोना संक्रमण ने रही सही कसर भी पूरी कर दी।

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि उत्तराखंड प्रदेश के व्यापारियों के साथ साथ पर्यटन व तीर्थाटन व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों के लिए बैंक ऋणों को वर्ष 2020-21 के लिए पूर्ण रूप से ब्याज मुक्त किया जाए । बैंक की मासिक किश्त को वर्ष 2020-21 के लिए स्थगित किया जाए ।
संगठन ने मांग की कि लघु उद्योग व छोटे व्यापारियों को पुनर्स्थापित करने के लिए बैंकों द्वारा दस लाख रू राशि का आसान व ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाए । प्रदेश के पर्यटन एवं तीर्थाटन उद्योग के लिए एक राहत पैकेज की घोषणा की जाए जिनमें सभी परिस्थितियों का आकलन करते हुए उन्हें विशेष रियासतें दी जाए एवं राहत पैकेज की घोषणा की जायें जिससे कि व्यापारियों एवं पर्यटन व तीर्थाटन व्यवसाय को पुनः स्थापित किया जा सके। बिजली-पानी के व्यवसायिक बिलों में छूट दी जाए।
संगठन ने ज्ञापन भेज मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष करो मे वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर विषेश छूट दी जाए। विभिन्न केंद्र एवं राज्य सरकार के लाइसेंसिंग शुल्क तथा तीर्थाटन व पर्यटन से जुड़े व्यवसायिक कर व उनसे सम्बंधित वाहनों के विभिन्न कर/बीमा शुल्क इत्यादि को वर्ष 2021-22 तक वैध माना जाए। व्यापारियों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दिया जाए व सरकार के माध्यम से पचास लाख का निशुल्क बीमा किया जाए।
ज्ञापन में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि व्यापारी समाज का प्रमुख अंग होने के साथ ही सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला समुदाय है ,आज व्यापारी की प्रतिकूल परिस्थितियों में हम अपनी सरकार से अपील करते हैं कि वे हमारी उपरोक्त मांगो पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर निर्णय लेने की महती कृपा करेंगे। ज्ञापन देने वालो में जिलाध्यक्ष विवेक अग्रवाल, महामंत्री राजेश त्रिपाठी, नगर महामंत्री लाजपत राय भाटिया, पूर्व जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष ऋषि एरेन, राजदीप, मनोज अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल एवं जितेन्द्र कैंथोला आदि शामिल रहे.




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