कोटद्वार । हिंदी पत्रकारिता दिवस पर शनिवार को गोखले मार्ग स्थित कोटद्वार प्रेस एसोशिएशन पर बैठक आयोजित की गयी। बैठक में सभी पत्रकारों ने पत्रकारिता दिवस पर पत्रकारों के हित व सम्मान और सुरक्षा के संबंध में विचार व्यक्त करते हुए हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम में पत्रकारों के लिए बलिदान देने वाले मूर्धन्य पत्रकार व कलम के स्वनामधन्य पुरोधा स्व. गणेश शंकर विद्यार्थी को याद किया गया।पत्रकारिता के सिद्धांतों के लिए ही अपना जीवन का भी बलिदान कर दिया। हम लोगों को उनसे प्रेरणा लेकर उनके बताये मार्ग पर चलना चाहिए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए बरिष्ठ पत्रकार धर्मवीर गुसांई ने कहा कि पत्रकारिता करना आज के समय में किसी जोखिम से खाली नही है, अब पहली वाली पत्रकारिता भी नही रही है, इसलिए हम सभी पत्रकारों को चाहिए कि निष्पक्ष पत्रकारिता करें।
एसोशिएशन के महासचिव अवनीश कुमार ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए लड़ाई लड़ रहा है। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और हम सभी पत्रकारों को लोकतंत्र की गरिमा बनाये रखते हुए अपने कार्य को अंजाम देना चाहिए ।
संगठन के सह कोषाध्यक्ष गौरव गोदियाल ने कहा कि 3० मई 1826 को पं. युगुल किशोर ने शुक्ल ने उदन्त मार्तण्ड प्रथम हिन्दी समाचार पत्र का प्रकाशन आरम्भ किया था, जिसे हिन्दी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है । हालांकि उस समय संसाधनों के अभाव में अखबार को हाथ से ही लिखा जाता था, जबकि आज के समय में तकनीकि संसाधनों की वजह से पत्रकारिता अखबार का प्रकाशन करना बहुत आसान हो गया है।
संगठन के संयुक्त सचिव विकास वर्मा ने बैठक में उपस्थित सभी पत्रकारों को पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होता है, और पत्रकार को पत्रकारिता का स्तर को बनाये रखना चाहिए । इस मौके पर विमल ध्यानी, राकेश पंत, दिलीप कश्यप, मनोज नोडियाल, नितिन अग्रवाल, जितेन्द्र भाटिया सहित कई अन्य पत्रकार मौजूद रहे ।





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