कोटद्वार । प्रदेश के पूर्व काबीना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी एवं नगर निगम की महापौर हेमलता नेगी ने भारतीय लोकतत्र के मंदिर संसद भवन पर जैश ए मोहम्मद के आंतकी संगठन के हमले में मारे गये सुरक्षा अधिकारी मातबर सिंह नेगी सहित अन्य ग्यारह लोगों की शहादत को नमन करते हुए श्रद्धाजंलि अर्पित की है।
पूर्व काबीना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी एवं महापौर हेमलता नेगी ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा कि 13 दिसम्बर 2001 में जैश ऐ मोहम्मद के आंतकवादियों ने भारतीय लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाले संसद में घुसने का प्रयास किया गया, लेकिन गेट नं. दो पर तैनात सुरक्षा अधिकारी मातबर सिंह नेगी ने आंतकवादियों का डटकर मुकाबला किया गया, दोना तरफ से चली गोलाबारी में मातबर सिंह नेगी सहित अन्य ग्यारह लोग देश की खातिर शहीद हो गये थे। गोलाबारी की घटना में कई लोग घायल भी हो गये थे। कहा कि इसी गेट से घटना के कुछ देर बाद तत्कालीन उपराष्ट्रपति कृष्णकांत आने वाले थे।
कहा कि विकास खंड एकेश्वर के मवालस्यूं पट्टी के ग्राम सासों निवासी मातबर सिंह नेगी ने अदम्य वीरता एवं साहस दिखाते हुए आंतकवादियों को संसद भवन में घुसने से रोक दिया था; जिससे भारतीय संसद एवं तमाम सांसदों के प्राणों की सुरक्षा हो सकी है। मातबर सिंह नेगी की बीरता एवं साहस को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत वीरता पुरष्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि चैंदकोट क्षेत्र सहित समस्त उत्तराखंड को मातबर सिंह नेगी की वीरता पर गर्व है।




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