कोटद्वार । कोरोना वायरस के रूप में देश पर आई गंभीर विपत्ति के समय भी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने वाले कर्मयोगियों के प्रति पूरा देश कृतज्ञ है। स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस, प्रशासन, सफाई व मीडिया कर्मी इस विकट घड़ी में जिस जीवटता का परिचय दिया जा रहा है वह वास्तव में सराहनीय है। ऐसे में वह सम्मान व उत्साहवर्धन के पात्र हैं। जो विपरीत परिस्थितियों मे भी अपने कर्तव्यों का पालन गंभीरता व ईमानदारी से कर रहे हैं।
पौडी जनपद में कोविड -19 कोरोना वायरस रूपी वैश्विक महामारी का कहर चल पड़ा है। लगातार बाहर से आये प्रवासी के संक्रमण का केश सामने आ रहे है। जिसमे जनपद की पुलिस पर जनता के सुरक्षा का भार बढ़ता जा रहा है। लगातार कोरोना के संक्रर्मित व्यक्तियों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिसमें पुलिस बल कोरोना योद्धा बनकर समाज के वरदान बन कर सामने आ रहे। संक्रमित क्षेत्र में पुलिस लगातार अपनी सुरक्षा में मुस्तैद है।इसी क्रम में कोटद्वार थाने में पदस्थ उपनिरिक्षक दीपक तिवारी भी तन, मन व ईमानदारी से अपनी ड्युटी का निर्वहन कर रहे है ।
लॉकडाउन के बाद से ही दीपक तिवारी शहर के मुख्य चौराहे, कौडिया बैरियर पर ड्युटी कर रहे हैं। लॉकडाउन के दरम्यान ड्युटी करना काफी अच्छा लगता है। कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए वह लोगों को घर पर ही रहने की सलाह दे रहे हैं। इस वक्त घर के सारे सदस्य घर के अंदर रह रहे है, वहीं वह अपना ड्यूटी निभा रहे हैं। कौड़िया व ग्रास्टनगंज में ड्यूटी करने के दौरान उन्हें कभी-कभी डर भी लगता है लेकिन कर्तव्य के आगे डर काफी दूर चला जाता है।दीपक अपने कर्तव्य निभाने के साथ गरीबों को खाना खिला रहे हैं, बीमार लोगों की मदद कर रहे हैं। उन्हें मास्क और सैनिटाइजर प्रदान कर रहे हैं।
सबको समझनी होगी जिम्मेदारी
उपनिरिक्षक दीपक तिवारी कहते हैं कि हम सभी पुलिस कर्मी सिर्फ इसलिए सड़कों पर हैं कि लोग घरों पर रहें। लेकिन लोग फिर भी निकलते हैं। ऐसे में यह संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। जिम्मेदारी सभी को समझनी होगी। तभी हम सभी कोरोना से जंग जीत सकेंगे।
परिजनों को रहती है उनकी चिंता
उपनिरिक्षक दीपक तिवारी कहते हैं कि हम पूरी मुस्तैदी से डयूटी करते हैं। लोगों को समझाते हैं। दिन भर बाहर रहते हैं। इसके बाद भी लोग नहीं समझते। बेवजह सड़कों पर घूमते हैं, ऐसा हरगिज न करें। जिम्मेदारियों को समझें। परिवार के लोगों को उनकी फिक्र लगी रहती है।रोज सुहब शाम अपना ख्याल रखने के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की बात कहते है ।





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