कोटद्वार । शनिवार को भारतवर्ष के एड्स नियन्त्रण संविदा कर्मियों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक आधा दिन वेतन पुनरीक्षण एवं शोषण के विरोध में सामाजिक दूरी के साथ काला फीता बांधकर धरना प्रदर्शन किया। ज्ञातव्य है कि विगत 2-3 वर्षों से संविदाकर्मी राष्ट्रीय एड्स नियन्त्रण संगठन (नाको) से लगातार वेतन पुनरीक्षण की मांग कर रहे हैं लेकिन नाको द्वारा सिर्फ वरिष्ठ चिकित्साधिकारियों एवं चिकित्साधिकारियों का मानदेय पुनरीक्षण किया गया है, शेष संविदा कर्मियों का नहीं जबकि वर्तमान समय में लगभग समस्त एड्स नियन्त्रण संविदा कर्मी अपने कार्यों के साथ कोविड-19 के लिए अतिरिक्त कार्य कर रहे हैं जिससे सैकड़ों संविदा कर्मी कोविड-19 से संक्रमित हो गये हैं और इस संक्रमण से कई संविदा कर्मियों की मृत्यु भी हो चुकी है। इसलिए विगत कई वर्षों से पीड़ित हम भारतवर्ष के लगभग 25 हजार एड्स नियन्त्रण संविदा कर्मी, नाको, भारत सरकार द्वारा वेतन पुनरीक्षण में भेदभावपूर्ण नीतियों एवं राज्य स्तर पर हम संविदाकर्मियों के साथ हो रहे शोषण के विरूद्ध सामाजिक दूरी के साथ धरना प्रदर्शन किया गया।
संविदा कर्मियों ने आवाह्न किया है कि अगर शीघ्र ही नाको द्वारा वेतन पुनरीक्षण नहीं किया गया इससे पूर्व भी 11 नवम्बर 2020 को भी संविदाकर्मी धरना प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन नाको द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। अगर अब भी हमारी मांगो का नकारा गया तो आगामी 01 दिसम्बर विश्व एड्स दिवस के अवसर पर प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक काला फीता बांधकर राज्य एड्स नियन्त्रण समिति मुख्यालयों एवं नाको मुख्यालय नई दिल्ली के समक्ष धरना प्रदर्शन करते हुए काला दिवस मनाएंगे एवं अपेक्षित न्याय न मिलने पर समस्त एड्स नियन्त्रण संविदाकर्मी माननीय उच्चतम न्यायालय की शरण में जाने हेतु बाध्य होंगे।




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