posted on : मार्च 10, 2022 8:08 अपराह्न
रुड़की : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 2 मार्च, 2022 से 8 मार्च, 2022 तक ‘शी लेक्चर सीरीज-2022′ का आयोजन किया। इस लेक्चर सीरीज (व्याख्यान श्रृंखला) का आयोजन जेंडर एडवांसमेंट फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंस्टीट्यूशंस (GATI) प्रोग्राम, आईआईटी रुड़की, आंतरिक शिकायत समिति (ICC), वेलनेस सेंटर और टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सोसाइटी (TIDES), आईआईटी रुड़की के सहयोग से किया गया था।
उद्घाटन व्याख्यान पीआई, डीएसटी–गति, और अकादमिक सलाहकार एनएएसी डॉ. प्रतिभा जॉली द्वारा दिया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत अंग्रेजी और हिंदी श्रेणी में गति कविता प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों द्वारा कविता पाठ करने के साथ हुई। इसके बाद इस सीरीज का दूसरा और तीसरा व्याख्यान क्रमशः 4 मार्च, 2022 और 5 मार्च, 2022 को शुरू हुआ। ‘शी लेक्चर सीरीज‘ का चौथा और पाँचवाँ व्याख्यान 7 मार्च, 2022 को आयोजित किया गया था। ये सत्र मानसिक कल्याण, कार्य–जीवन संतुलन और उद्यमिता और वित्तीय स्वतंत्रता में महिलाओं की भूमिका के विषयों पर आयोजित किए गए थे। पिछले तीन व्याख्यान और ‘शी लेक्चर सीरीज‘ का अंतिम सत्र “8 मार्च, 2022 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस” के अवसर पर आयोजित किया गया था।
अंतिम सत्र की अध्यक्षता आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने की, जहां उन्होंने आईआईटी रुड़की में जीएटीआई के कार्यान्वयन के बारे में बात की। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि आईआईटी रुड़की समावेश और विविधता समिति का गठन करेगा, जो एक स्थायी समिति होगी। इसके अतिरिक्त, व्याख्यान श्रृंखला में महिला विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों जैसे लिंग संवेदीकरण (gender sensitization), यौन उत्पीड़न, एसटीईएम में समानता और विविधता, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में महिलाओं की भूमिका, एसटीईएमएम में नेतृत्व और वित्तीय स्वतंत्रता और कार्य–जीवन संतुलन के बारे में चर्चा की गई।
इस अवसर पर पीआई, डीएसटी–गति, और अकादमिक सलाहकार एनएएसी (NAAC) डॉ. प्रतिभा जॉली, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली से डॉ सोफी के जे, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल बायोटेक्नोलॉजी (एनआईएबी), हैदराबाद की डायरेक्टर डॉ. जी तारू शर्मा, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज की डायरेक्टर डॉ प्रतिमा मूर्ति, लंदन, यूके स्थित किंग्स कॉलेज के इक्विटी, डाइवर्सिटी एंड इन्क्लूसिव डिपार्टमेंट की हेड हेलेना मैटिंग्ले, टेक्नोलॉजी मिशंस डिवीज़न की हेड डॉ अनीता गुप्ता, क्लाइमेट चेंज प्रोग्राम और वाइज किरण डिवीजन, DST-इंडिया की हेड डॉ निशा मेंदीरत्ता और आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर प्रो. अजीत कुमार ने उद्बोधन दिया।
पूरे कार्यक्रम का संचालन गति–आईआईटी रुड़की की नोडल अधिकारी प्रो. प्रणिता पी. सारंगी, आईसीसी की चेयरपर्सन प्रो. रंजना पठानिया, एसोसिएट डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर एंड वैलनेस प्रो. किरण अंबातिपुडी, TIDES-आईआईटी रुड़की के सीईओ श्री आजम अली खान ने प्रायोजित अनुसंधान और औद्योगिक परामर्श के डीन और गति स्व–मूल्यांकन समिति, IIT रुड़की के अध्यक्ष प्रो मनीष श्रीखंडे के साथ किया। इसके अतिरिक्त, आयोजन दल को गति के परियोजना सहायक आदित्य गोयल द्वारा सहायता प्रदान की गई। इस व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन अतिथियों और भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने पूरे उत्साह के साथ सफलतापूर्वक किया गया था।
बायोसाइंसेज और बायोइंजीनियरिंग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर और गति–आईआईटी रुड़की की नोडल अधिकारी प्रो. प्रणिता पी. सारंगी ने कहा, “समय के साथ महिलाओं के लिए दुनिया बदल गई है। न केवल लाभार्थी के रूप में बल्कि विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) जैसे विषयों में सभी स्तरों पर परिवर्तन लाने वाले एजेंट के रूप में विज्ञान में महिलाओं की भूमिका को स्वीकार करते हुए। मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहती हूं जिन्होंने विविधता और समावेश के मूल भाव को आगे बढ़ाने के लिए अपनी भागीदारी से इस आयोजन को संभव बनाया।”
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा, “आईआईटी रुड़की ने एक संस्थान के रूप में महिलाओं की भागीदारी और योगदान का जश्न मनाने में एक लंबा सफर तय किया है। मैं अधिक समावेशी और विविधतापूर्ण होने की आवश्यकता के प्रति हमारे पुरुष हितधारकों की संवेदनशीलता में जबरदस्त वृद्धि देख सकता हूं। इस यात्रा में, अपने नाम के अनुरूप गति परियोजना ने एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आईआईटी रुड़की के बोर्ड ने संस्थान को इस रास्ते पर चलते रहने में मदद करने के लिए नई स्थायी विविधता और समावेश समिति का गठन किया है। समिति हर छह महीने में अपनी प्रगति पर बोर्ड को एक रिपोर्ट सौंपेगी।




