हरिद्वार । हाईकोर्ट के आदेश पर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने 3.46 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में तीन संस्थानों के संचालक अनिल कुमार को गिरफ्तार किया है। अनिल ने तीनों संस्थानों में अलग-अलग फर्जी छात्र दिखाकर हरिद्वार और देहरादून के समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति की रकम प्राप्त की थी।
ओम संतोष पैरामेडिकल आईटीआई व यश पैरोमेडिकल प्राइवेट आईटीआई भगवानपुर के खिलाफ साल 2019 में दो अलग-अलग मुकदमें थाना भगवानपुर में दर्ज कराए गए थे। वहीं, ओम संतोष पैरामेडिकल आईटीआई सहारनपुर के खिलाफ हरिद्वार के थाना सिडकुल और देहरादून के थाना डालनवाला में भी एक-एक मुकदमा दर्ज कराया गया।
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि साल 2011 से 2017 के बीच ओम संतोष पैरामेडिकल आईटीआई भगवानपुर के नाम से 1.48 करोड़ रुपये, यश पैरोमेडिकल प्राइवेट आईटीआई भगवानपुर के नाम पर 1.21 करोड़ रुपये हरिद्वार के समाज कल्याण विभाग से लिए गए। जबकि ओम संतोष पैरामेडिकल आईटीआई सहारनपुर के नाम से हरिद्वार के समाज कल्याण विभाग से करीब 50 लाख रुपये और देहरादून के समाज कल्याण विभाग से 26 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त की गई।
एसआईटी ने लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन किया तो अधिकांश छात्र फर्जी निकले। थाना भगवानपुर में दर्ज दोनों मुकदमों की जांच कर रहे रानीपुर की गैस प्लांट चौकी प्रभारी प्रवीण रावत के नेतृत्व में एक टीम ने मंगलवार को छुटमुलपुर सहारनपुर के एक वेडिंग प्वाइंट से आरोपित अनिल कुमार निवासी मांटूवाला, खुजनावर सहारनपुर को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपित को रुड़की जेल भेज दिया गया है। एसआईटी प्रभारी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि तीनों संस्थानों के संचालक अनिल कुमार ने दोनों जनपदों से प्राप्त कुल छात्रवृत्ति की लगभग 75 फीसद रकम हजम की गई है।





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