कालागढ़ (कुमार दीपक): मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम द्वारा सत्य की असत्य पर जीत के उपलक्ष्य में बनने वाला विजयदशमी का यह त्यौहार इस वर्ष कोरोना की भेंट चढ़ गया । कालागढ़ में हर वर्ष बड़े स्तर पर रामलीला का आयोजन होता है व आसपास के सभी गाँव से सैकड़ो की तादाद में रामलीला मंचन देखने आते है । रावण वध के बाद धूमधाम से हर वर्ष दशहरा पर्व के मेले का आयोजन किया जाता है जिसमे हजारों की सँख्या में लोग रावण दहन देखने व मेले में खरीदारी करने के लिए आते है। लेकिन पूरी दुनिया को बुरी तरह अपनी चपेट में ले चुका कोरोना का असर कालागढ़ के इस त्योहार पर बुरी तरह पड़ा ।

कोरोना के चलते रामलीला मैदान इस बार सूना पड़ा रहा ना ही रामलीला व ना ही दशहरा मेले का आयोजन हो सका जिस कारण लोगो मे निराशा बनी रही । नतीजतन लोगो ने घर मे ही रावण के छोटे छोटे पुतले बनाकर पुतला दहन कर विजयादशमी का पर्व मनाया । संबित अग्रवाल, आशुतोष, संभव, वैभव, यश, यशिका बच्चो व बड़ो ने घरों पर ही रावण का पुतला दहन कर अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व मनाया ।






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