सतपुली : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सीय व्यवस्थाओं एवं अभिलेखों का विस्तृत जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान कई व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में स्थापित सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए। साथ ही संबंधित अधिकारी बायोमैट्रिक उपस्थिति से संबंधित विवरण भी प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि सीसीटीवी कैमरे व बायोमेट्रिक मशीन को तत्काल दुरुस्त करते हुए कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को पारदर्शी एवं नियमित बनाया जाए।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सहित तीन अन्य कार्मिक अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने अनुपस्थित एवं विलंब से उपस्थित कार्मिकों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए तथा कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उपस्थित पंजिका को कब्जे में लिया तथा स्वास्थ्य केंद्र का आहरण वितरण प्रभार मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने पास रखने को कहा।
जिलाधिकारी ने ओपीडी रजिस्टर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि मरीजों को दिए गए उपचार, चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाइयों का पूर्ण विवरण अभिलेखों में दर्ज नहीं किया जा रहा था। इस पर उन्होंने कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि प्रत्येक रोगी से संबंधित समस्त चिकित्सकीय विवरण अनिवार्य रूप से रजिस्टर में अंकित किए जाएं, ताकि उपचार प्रक्रिया पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनी रहे।
चिकित्सालय की समग्र व्यवस्थाओं पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही मुख्य चिकित्साधिकारी को दूरभाष पर निर्देशित किया कि वे तत्काल सीएचसी सतपुली पहुंचकर समस्त व्यवस्थाओं एवं अनियमितताओं की विस्तृत जांच करें तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इस दौरान जिलाधिकारी ने डिस्पेंसरी, प्रयोगशाला तथा प्रसव कक्ष का भी निरीक्षण किया। प्रसव कक्ष के निरीक्षण के समय स्वास्थ्य विभाग के कार्मिक हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं एवं एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) से संबंधित अद्यतन आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी हाई रिस्क गर्भवतियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर मानी जाएगी।
टीकाकरण पंजिका के निरीक्षण के दौरान उसका रखरखाव भी संतोषजनक नहीं पाया गया तथा कई अभिलेख अद्यतन नहीं मिले। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जन्म से निर्धारित आयु तक सभी बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे, इसके लिए घर-घर सत्यापन अभियान चलाकर छूटे हुए बच्चों की सूची तैयार की जाए तथा सभी अभिलेखों का नियमित संधारण एवं ऑनलाइन पोर्टल पर समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर व्यवस्थाएं, समयबद्ध उपचार, स्वच्छता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाया जाए।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सतपुली रेखा आर्य, चिकित्सक डॉ. अनंता सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।





