देहरादून : उत्तराखण्ड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के समस्त घटक दलों के पदाधिकारियों की गूगल मीट के माध्यम से ऑन लाईन मीटिंग हुई। मीटिंग का मुख्य एजेन्डा भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित इलैक्ट्रीसिटी एक्ट एमेण्डमेंट बिल के घातक प्रावधानों का विरोध करना था।
मीटिंग में ऑल इण्डिया पावर इंजीनियर्स फैडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने प्रतिभाग लिया एवं इस बारें में विस्तार रूप से अवगत कराया कि किस प्रकार यह इलैक्ट्रीसिटी एक्ट एमेण्डमेंट बिल जन विरोधी है। यह बिल निजीकरण को बढावा देगा एवं समस्त सरकारी वितरण कम्पनियों के समक्ष संकट पैदा करेगा। इस बिल में सिर्फ उद्योग जगत के बड़े निजी घरानों को फायदा पहुंचाने की बात कही गई है।
बिल में इस तरह के प्रावधान किये गये है कि लैटर ऑप क्रेडिट के जरिये किसी भी निजी विद्युत उत्पादन को पहले भुगतान किया जायेगा, राज्य की उत्पादन कम्पनियों का भुगतान अन्त में किया जायेगा, यदि पैसा पेश रहता है तो। इस प्रकार के प्रावधान से सरकारी उत्पादन ईकाइयां घाटे में आ जायेंगी और धीमे-धीमे दम तोड़ देंगी। सरकार के इस नये प्रस्ताव में वितरण ईकाइयों को निजी हाथों में बेचने की तैयारी की गई है, इससे आम उपभोक्ताओं के लिये विद्युत की दरें बढ़ जायेंगी, इतना ही नहीं इस बिल के प्रावधानानुसार राज्य सरकार के द्वारा मिलने वाले सब्सिडी भी समाप्त हो जायेगी। उक्त राशि किसानों या अन्य उपभोक्ताओं को उनके निजी खातों में बाद में ट्रांसफर की जायेगी।
ऐसी दशा में किसान या अन्य उपभोक्ता पहले मंहगी दरों में विद्युत बिल का भुगतान करेंगा तथा बाद में इसका इन्तजार करेगा की सब्सिडी की धनराशि कब मेरे खाते में आये। भारत सरकार इस बिल को लाने के लिये इतनी उत्तेजना मे है कि कोरोना के इस संक्रमण काल में जबकि सम्पूर्ण देश के बिजली कर्मचारी अन्य कोरोना योद्धाओं की भांति अग्रिम पंक्ति में खडे होकर बिना अपनी जान की परवाह किये बिना अपनी सेवायें दे रहे हैं, भारत सरकार ने कोरोना जैसे महत्वपूर्ण मुददे को छोडकर इस बिल को लागू करने के लिये लगातार दो बैठकें की। इससे प्रतीत होता है कि भारत सरकार किसी भी प्रकार से बडे़ निजी घरानों को लाभ देना चाहती है।
बैठक में उपस्थित सभी वक्ताओं में इस प्रस्तावित बिल का विरोध किया एवं यह निर्णय लिया गया कि 01 जून 2020 को काले दिवस के रूप में मनाया जायेगा, जिसमें न सिर्फ उत्तराखण्ड बल्कि सभी सम्पूर्ण भारत के विद्युत कर्मचारी एवं अधिकारी काला फीता बांधेगे एवं सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए आवश्यक विरोध करेंगे।
बैठक में उत्तराखण्ड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक इंसरूल हक, वाई.एस. तोमर, जे.सी. पन्त, डी.सी. गुरूरानी, प्रदीप कंसल, पंकज सैनी, राकेश शर्मा, संदीप शर्मा, एम.एन. उप्रेती, दीपक बेनीवाल, विनोद कवि, मुकेश कुमार, रविन्द्र सैनी, पंकज भट्ट, एम.सी. गुप्ता, अनिल मिश्रा, गौरव शर्मा, नवीन मिश्रा, सौरभ जोशी, संदीप राठौर, गोविन्द प्रसाद आदि उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता ऑल इण्डिया पावर इंजीनियर्स फैडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे द्वारा की गई।





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