गोपेश्वर / चमोली । चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर को पेयजल आपूर्ति करने वाली अमृत गंगा पेयजल योजना पर फिल्टर की व्यवस्था न होने के कारण उपभोक्ता गंदा पानी पीने को विवश है। बरसात के दिनों में नलों से इतना गंदा पानी आ रहा है मानों ऐसा लग रहा है कि नलों से मिट्टी का खोल निकल रहा हो। यही नहीं इसमें कभी कैंचुए और सांप तक निकल रहा है। ऐसे में बीमारी फैलने की भी आशंका बनी हुई है लेकिन जल निगम व जल संस्थान उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के प्रति इतना लापरवाह बना हुआ है कि चार साल से अधिक पुरानी इस पेयजल योजना पर अभी तक फिल्टरेशन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि जल निगम का कहना है कि बरसात के बाद इस योजना पर फिल्टर टैंक बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
चार साल पूर्व गोपेश्वर नगर क्षेत्र को पेयजल की समुचित व्यवस्था किये जाने को लेकर अमृत गंगा योजना बनायी गई थी लेकिन तब से लेकर अबतक इस योजना पर फिल्टर टेंक नहीं बन पाया है। जिससे बरसात के मौसम में अमृत गंगा में गाद आने से यह पानी नलों के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंच रहा है। जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी भूपेंद्र सिंह, संजय सिंह, मनोज, अनुराग आदि का कहना है कि बरसात शुरू होते ही घरों में मिट्टी मिला पानी नलों पर आ रहा है यहां तक की कभी कभार पानी में दुर्गंध भी आ रही है। जिससे बीमारी फैलने की भी आशंका बनी हुई है। लेकिन विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इनका कहना है कि एक सप्ताह से वे अपनी रोजमर्रा के उपयोग के लिए दो से तीन किलोमीटर दूर जाकर प्राकृतिक स्रोत से पानी लाने के लिए मजबूर हो रहे है।
क्या कहते है अधिकारी
गोपेश्वर नगर क्षेत्र को सप्लाई होने वाले अमृत गंगा योजना पर अभी तक फिल्टरेशन की व्यवस्था जल निगम की ओर से नहीं की गई है जिससे यह समस्या आ रही है। अब जल निगम को इसके लिए धनराशि मिल गई है जल्द ही समस्या से निजात मिलेगी।
प्रवीण कुमार सैनी, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान गोपेश्वर।
“अमृत गंगा योजना पर फिल्टर टैंक निर्माण के लिए जल निगम को धनराशि उपलब्ध हो गई है। बरसात के बाद यहां पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जिसके बाद उपभोक्ताओं को गंदे पानी की समस्या से निजात मिल जायेगी।”
वीके जैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम, गोपेश्वर।





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