पीपलकोटी (चमोली)। बदरीनाथ हाईवे पीपलकोटी में भनेर पानी व लामबगड में पहाड़ी से मलवा आने से बाधित हो गया था। पीपलकोटी भनेर पानी में पहाड़ी से आये पत्थरों व मलवे के बीच दब गया था। जिसे शुक्रवार को दोपहर तक हटाकर मार्ग को सुचारू कर दिया गया है। वहीं लामबगड में भी हाईवे को सुचारू कर दिया गया है।
जनपद में 71 मोटर मार्ग हुए थे बाधित, 54 को खोला
चमोली जिले में बारिश के चलते 71 मोटर मार्ग बंद हुए थे, जिसमें से 54 मोटर मार्ग यातायात के लिए सुचारू किया जा चुका है जबकि 17 मोटर मार्गाे को खोलने का कार्य जारी है। पहाडी से मलवा आने के कारण बंद हुए 17 मोटर मार्ग में से 12 मोटर मार्ग शुक्रवार सायं तक यातायात के लिए सुचारू किए जाएगें। जबकि सेमी-पनाई-उत्तरौं मोटर मार्ग, लासी-सरतोली मोटर मार्ग, कुहेड-मैठाणा मोटर मार्ग, कुरूड-माणखी मोटर मार्ग तथा थराली-जूनीधार मोटर मार्ग 11 जुलाई तक यातायात के लिए सुचारू होने की उम्मीद है।
जिले में वर्षा की स्थिति व नदियों का जल स्तर
शुक्रवार की रात्रि को तहसील चमोली में 88 मिमी, जोशीमठ में 8.4 मिमी, कर्णप्रयाग में दो मिमी, पोखरी में एक मिमी तथा घाट मंे 37 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। जिले की प्रमुख नदियों में अलकनन्दा नदी का जल स्तर खतरे के निशान 957.40 मीटर के सापेक्ष 954.05 मीटर, नन्दाकिनी नदी का जल स्तर खतरे के निशान 871.50 मीटर के सापेक्ष 867.62 मीटर तथा पिण्डर नदी का जल स्तर खतरे के निशान 773 मीटर के सापेक्ष 769.57 मीटर के लेवल पर बह रही हैं। ये सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही है। जनपद में पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सुचारू बनी हुई है। जबकि दूरसंचार सेवा पूरी तरह से बाधित है। यहां रूद्रप्रयाग से आने वाली दूरसंचार की लाईन कट जाने से जनपद में संचार सुविधा वाधित है।




Discussion about this post