शुक्रवार, मार्च 27, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
Advertisement
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
27th मार्च 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

एक दिन में 35 लोगों को मिलेगा इनर लाइन परमिट पास, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जारी किए जाएंगे पास

शेयर करें !
posted on : अप्रैल 15, 2025 2:02 अपराह्न
चमोली : चमोली जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में जाने हेतु इनर लाइन परमिट को लेकर जिलाधिकारी संदीप तिवारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की गयी।   बैठक में बताया गया कि दो तरह के पास जारी किए जाते हैं पहला लोकल ट्रांजिट पास जिसमें 2 दिन से ज्यादा की अनुमति होती है  यह वंहा के चरवाहों को ध्यान में रखकर दिया जाता है दूसरा इनर लाइन परमिट जिसमें यात्रियों को 2 दिन का पास दिया जाता है  इनर लाइन परमिट से यात्रियों को नीति पास, माना पास और रिमखिम पास  से 16 टूरिस्ट लोकेशन पर जाने  की अनुमति दी जाएगी ।
ऑनलाइन पोर्टल  चारधाम यात्रा के समय ही स्टार्ट होगा जिसकी फीस 200 रुपये प्रति व्यक्ति रखी गयी है और एक दिन में 35 लोगों को ही इनर लाइन परमिट जारी किया जाएगा। इस पास के लिए जरूरी दस्तावेज देने होंगे जैसे पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट,पहचान पत्र, ऐफिडेविट और मेडिकल जांच रिपोर्ट आदि। 60 वर्ष से ऊपर के यात्री को मेडिकल रिपोर्ट के साथ इनर लाइन परमिट का पास दिया जाएगा।
इस बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि पास में कुछ शर्तें भी लिखी जाये जैसे खराब मौसम होने पर या सुरक्षा की दृष्टि से किसी यात्री को परमिट मिलने के बाद भी उसका परमिट रद्द किया जा सके। इस बैठक में एडीएम विवेक प्रकाश , उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ और अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।

क्या है इनर लाइन परमिट

एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज़ है जिसे संबंधित राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है। यह भारतीय नागरिकों को देश के अंदर किसी संरक्षित क्षेत्र में निश्चित अवधि के लिये यात्रा की अनुमति देता है। इसे बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन, 1873 के आधार पर लागू किया गया था।बंगाल ईस्टर्न फ़्रंटियर रेगुलेशन, 1873, बंगाल के पूर्वी सीमांत पर शांति और शासन के लिए बनाया गया था. यह विनियमन, आदिवासी लोगों की पहचान और संस्कृति की रक्षा करने में मदद करता है,इसे इनर लाइन रेगुलेशन भी कहा जाता है।
यह अधिनियम पूर्वोत्तर के पहाड़ी आदिवासियों से ब्रिटिश हितों की रक्षा करने के लिये बनाया गया था क्योंकि वे ब्रिटिश नागरिकों  के संरक्षित क्षेत्रों में प्रायः घुसपैठ किया करते थे। इसके तहत दो समुदायों के बीच क्षेत्रों के विभाजन के लिये इनर लाइन (Inner Line) नामक एक काल्पनिक रेखा का निर्माण किया गया ताकि दोनों पक्षों के लोग बिना परमिट के एक-दूसरे के क्षेत्रों में प्रवेश न कर सकें।

 

1 of 3
- +
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/01/Video-Nivesh_UK.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • स्कूल गेट से 11वीं के छात्र का अपहरण, जंगल में ले जाकर बेरहमी से पीटा
  • महिला आरक्षण पर सरकार का फॉर्मूला तैयार, OBC कोटा नहीं, लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी के बाद होगा लागू 
  • नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा किया
  • डॉक्टर तन्वी के आत्महत्या मामले में विस्तृत जाँच की जरुरत
  • बजाज फिनसर्व धुनिवर्स 31 मार्च को शंकर-एहसान-लॉय के साथ ‘वॉइस ऑफ नेशन’ का करेगा अनावरण, भारत के सबसे बड़े डिजिटल फर्स्ट म्यूजिक टैलेंट सर्च में से अपने विजेताओं की करेगा घोषणा
  • बिरही–निजमुला मोटर मार्ग पर ‘काली चट्टान’ बनी बड़ी समस्या, बरसात में बार-बार बाधित होती है आवाजाही
  • धार्मिक आयोजन सुसंस्कारित भारत के निर्माण में निभाते हैं अहम भूमिका – रेखा आर्या
  • सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में CMP-2024 पर मंथन, देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर को मिलेगा स्मार्ट और जाम-मुक्त परिवहन नेटवर्क; E-BRTS, रोपवे और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से बदलेगी राज्य की तस्वीर
  • पिरुल से बनेगा रोजगार का नया आधार, डीएम प्रशांत आर्य ने 25 किलोवाट पिरुल आधारित विद्युत परियोजना का किया निरीक्षण, कहा – अब कबाड़ नहीं, कमाई का जरिया है चीड़ की पत्तियां
  • डीएम नितिका खण्डेलवाल की बड़ी पहल, हाई रिस्क प्रेगनेंसी मामलों में मरीज के साथ तीमारदार को भी मिलेगी भोजन व ठहरने की सुविधा
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.