गुरूवार, अक्टूबर 1, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
1st अक्टूबर 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

विश्व का अकेला ​प्रसिद्ध त्रिनेत्र गणेश जी मंदिर, जहां गणेश जी अपने पूरे परिवार संग हैं विराजमान, लंका कूच के पहले भगवान राम ने की थी पूजा

श्रीकृष्ण ने यहीं गणेश जी को मनाया था

शेयर करें !
posted on : मई 17, 2023 10:52 पूर्वाह्न

रणथंभौर : गणेश जी का यह मंदिर कई मामलों में अनूठा है। इस मंदिर को भारत का ही नहीं विश्व का पहला गणेश मंदिर माना जाता है। यहां गणेश जी की पहली त्रिनेत्र प्रतिमा विराजमान है। यह प्रतिमा स्वयंभू प्रकट है। देश में ऐसी केवल चार गणेश प्रतिमाएं ही हैं। इसके अलावा पूरी दुनिया में यह एक ही मंदिर है, जहां गणेश जी अपने पूर्ण परिवार, दो पत्नी-रिद्धि और सिद्धि एवं दो पुत्र- शुभ और लाभ, के साथ विराजमान है। यह है राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के रणथंभौर में स्थित ​प्रसिद्ध त्रिनेत्र गणेश जी मंदिर । इसे रणतभंवर मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर 1579 फीट ऊंचाई पर अरावली और विंध्याचल की पहाड़ियों में स्थित है। जयपुर से मंदिर की दूरी 142 किलोमीटर के लगभग है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह यहां आने वाले पत्र। घर में शुभ काम हो तो प्रथम पूज्य को निमंत्रण भेजा जाता है। इतना ही नहीं परेशानी होने पर उसे दूर करने की अरदास भक्त यहां पत्र भेजकर लगाते है। रोजाना हजारों निमंत्रण पत्र और चिट्ठियां यहां डाक से पहुंचती हैं।

जनश्रुति के अनुसार, महाराजा हम्मीरदेव चौहान व दिल्ली शासक अलाउद्दीन खिलजी का युद्ध 1299-1301 ईस्वी के बीच रणथम्भौर में हुआ था। इस दौरान नौ महीने से भी ज्यादा समय तक यह किला दुश्मनों ने घेरे रखा। दुर्ग में राशन सामग्री समाप्त होने लगी तब गणेशजी ने हमीरदेव चौहान को स्वप्न में दर्शन दिए और उस स्थान पर पूजा करने के लिए कहा जहां आज यह गणेशजी की प्रतिमा है। हमीर देव वहां पहुंचे तो उन्हे वहां स्वयंभू प्रकट गणेशजी की प्रतिमा मिली। हमीर देव ने फिर यहां मंदिर का निर्माण कराया। यहां के त्रिनेत्र गणेश जी का उल्लेख रामायण काल और द्वापर युग में भी मिलता है। कहा जाता हैं कि भगवान राम ने लंका कूच से पहले गणेशजी के इसी रूप का अभिषेक किया था। एक और मान्यता के अनुसार द्वापर युग में भगवान कृष्ण का विवाह रूकमणी से हुआ था। इस विवाह में वे गणेशजी को बुलाना भूल गए। गणेशजी के वाहन मूषकों ने कृष्ण के रथ के आगे-पीछे सब जगह राह खोद दिया। तब भगवान कृष्ण को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने गणेशजी को मनाया। भगवान कृष्ण ने जहां गणेशजी को मनाया, वह स्थान रणथंभौर था। यही कारण है कि रणथम्भौर गणेश को भारत का प्रथम गणेश कहते है। मान्यता है कि विक्रमादित्य भी हर बुधवार को यहां पूजा करने आते थे। देश में चार स्वयंभू गणेश मंदिर माने जाते है, जिनमें रणथम्भौर स्थित त्रिनेत्र गणेश जी प्रथम है। इस मंदिर के अलावा सिद्धपुर गणेश मंदिर गुजरात, अवंतिका गणेश मंदिर उज्जैन एवं सिद्दपुर सिहोर मंदिर मध्यप्रदेश में स्थित है।

 

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1-1.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • हरियाली एनक्लेव समिति ने बाल वीरों को किया सम्मानित
  • विश्व हृदय दिवस पर ऑनलाइन प्रतियोगिता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
  • मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग को वामपंथी दलों ने दिया धरना
  • कर्णप्रयाग में उद्यमिता बूट कैंप, महिलाओं और युवाओं ने साझा किए बिजनेस आइडिया
  • मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग, वामपंथी दलों ने धरना देकर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
  • शंख पर सतपाल महाराज के बयान से गरमाई बदरीनाथ की सियासत
  • मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रदर्शन
  • विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने कसी कमर, संगठन मजबूत करने पर मंथन
  • तीन कॉलेज, तीन संगठन… बदरीनाथ की युवा राजनीति में नया संकेत
  • कोटद्वार : भाजयुमो नगर उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल का पार्टी से हुआ निष्कासन
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.