ग्रहण के बाद खुले बदरीनाथ धाम एवं श्री केदारनाथ, श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री सहित सभी मंदिर
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर चारों धामों में योग-ध्यान
श्री बदरीनाथ/ केदारनाथ/ उत्तरकाशी । उत्तराखंड चारधाम सहित देशभर में कल रात मंदिरों के कपाट सूतककाल शुरू होते ही बंद कर दिये गये थे।आज ग्रहण समाप्त होनेपर मंदिरों का शुद्धिकरण हुआ इसके पश्चात ग्रहण काल हेतु बंद किये गये मंदिर खुल गये।
श्री बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम सहित आसपास के मंदिरों में सूतककाल कल शाम 10 बजकर 25 मिनट पर शुरू हो गया तथा ग्रहण की शुरुआत आज प्रात: 10 बजकर 25 मिनट से हुई तथा ग्रहण का मोक्षकाल दिन में 01 बजकर 52 मिनट तक रहा। इसके पश्चात अपराह्न 2 बजकर 10 मिनट पर कपाट खुलने के बाद दैनिक अभिषेक एवं भोग लगाया गया।
श्री केदारनाथ धाम से प्रधान पुजारी शिवशंकर लिंग ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम में सूतककाल कल रात्रि 10 बजकर 24 मिनट पर शुरू हुआ तथा मंदिर को बंद कर दिया गया आज अपराह्न 2 बजे श्री केदारनाथ मंदिर खुल गया। तथा शुद्धिकरण हवन के पश्चात रूद्राभिषेक पूजा-अर्चना शुरू हो गयी। इसी तरह गंगोत्री-यमुनोत्री धाम भी ग्रहण काल के पश्चात खुल गये। श्री बदरीनाथ धाम के समस्त मंदिरों, जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर, सहित पंच बदरी, पंच केदार एवं छोटे बड़े मंदिर ग्रहण काल के पश्चात खुल गये है।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम में आज प्रात: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मंदिर प्रांगण में योग-ध्यान का आयोजन हुआ। रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, वेदपाठी रविन्द्र भट्ट,नारायण जी आदि ने योग कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।सीमांत गांव माणा सहित सीमा पर आईटीबीपी जवानों ने भी योग कार्यक्रम आयोजित किये।
श्री केदारनाथ धाम में प्रधान पुजारी शिवशंकर लिंग, पंथेर प्रियधर जमलोकी, वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, संजय तिवारी,अनूप पुष्पवान, मृत्यंजय हीरेमठ योग कार्यक्रम में शामिल हुए।श्री गंगोत्री मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहितों ने योग ध्यान किया। श्री यमुनोत्री धाम से भी योग दिवस मनाये जाने के समाचार मिले है।



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