शुक्रवार, जुलाई 3, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
3rd जुलाई 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

पंच केदार और पशुपतिनाथ : आस्था, तप और मोक्ष की अद्भुत कथा

शेयर करें !
posted on : मई 17, 2026 11:16 अपराह्न

महाभारत काल से जुड़ी पंच केदार और पशुपतिनाथ मंदिर की कथा आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक मानी जाती है। मान्यता के अनुसार, महाभारत का भीषण युद्ध समाप्त होने के बाद पांडव अपने ही कुल, गुरुओं और संबंधियों के वध के कारण गहरे पश्चाताप में थे।

युद्ध जीतने के बावजूद उनके मन को शांति नहीं मिल रही थी। पापों से मुक्ति पाने के लिए पांडव भगवान श्रीकृष्ण की शरण में पहुंचे। तब श्रीकृष्ण ने उन्हें भगवान शिव की आराधना करने की सलाह दी।

इसके बाद पांचों पांडव भगवान शिव की खोज में निकल पड़े। कहा जाता है कि भगवान शिव पांडवों से रुष्ट थे और उन्हें दर्शन नहीं देना चाहते थे, इसलिए वे काशी छोड़कर हिमालय की ओर चले गए। पांडव भी कठिन पहाड़ों, बर्फीले रास्तों और घने जंगलों को पार करते हुए केदारखंड पहुंच गए।

यहां भगवान शिव ने स्वयं को छिपाने के लिए बैल का रूप धारण कर पशुओं के झुंड में स्वयं को मिला लिया। लेकिन भीम को आभास हो गया कि यह कोई साधारण बैल नहीं है। भीम ने अपना विशाल रूप धारण कर दो पहाड़ों पर पैर फैला दिए ताकि कोई पशु वहां से निकल न सके।

सभी पशु उनके पैरों के नीचे से गुजर गए, लेकिन एक दिव्य बैल वहीं रुक गया। तभी भीम समझ गए कि यही भगवान शिव हैं। जैसे ही उन्होंने बैल को पकड़ने का प्रयास किया, वह धरती में समाने लगा। भीम ने उसकी कूबड़ को मजबूती से पकड़ लिया।

उसी क्षण भगवान शिव अपने वास्तविक स्वरूप में प्रकट हुए और पांडवों की कठोर तपस्या, श्रद्धा और पश्चाताप से प्रसन्न होकर उन्हें पापों से मुक्ति का आशीर्वाद दिया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान शिव बैल रूप में धरती में समाए तो उनके शरीर के विभिन्न अंग पांच अलग-अलग स्थानों पर प्रकट हुए, जिन्हें आज पंच केदार के नाम से जाना जाता है।

केदारनाथ मंदिर में भगवान शिव की कूबड़, तुंगनाथ मंदिर में भुजाएं, रुद्रनाथ मंदिर में मुख, मध्यमहेश्वर मंदिर में मध्य भाग और कल्पेश्वर मंदिर में भगवान शिव की जटाओं की पूजा की जाती है। वहीं मान्यता है कि बैल का सिर नेपाल के काठमांडू में प्रकट हुआ, जहां आज विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर स्थित है। कहा जाता है कि पांडवों ने ही इन सभी मंदिरों की स्थापना कर पूजा-अर्चना की थी।

आज भी हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कठिन पर्वतीय यात्रा कर पंच केदार और पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से पंच केदार की यात्रा करने वाले भक्तों को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1-1.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • पदक विजेता खिलाड़ियों को तय समय के अंदर सरकारी सेवा में करें समायोजित : सीएम धामी
  • टिहरी : देवरीतल्ली से “जी राम जी योजना” का आगाज, अब ग्रामीण श्रमिकों को मिलेंगा 125 दिन का रोजगार और ₹300 प्रतिदिन मजदूरी
  • नई ऊर्जा, नई सोच के साथ पीसी ध्यानी ने संभाली यूपीसीएल की कमान, सीएम धामी के “ऊर्जा प्रदेश” के सपने को देंगे नई रफ्तार
  • पौड़ी गढ़वाल : वर्क फ्रॉम होम के नाम पर महिला से ₹9.38 लाख की साइबर धोखाधड़ी, आरोपी गिरफ्तार
  • पौड़ी गढ़वाल : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जिले में सात स्थानों पर राज्य स्तरीय आपदा मॉक ड्रिल, परखी गयी तैयारियां
  • सतपुली-पौड़ी मार्ग पर कार पर गिरा मलबा, SDRF ने 06लोगों को सकुशल निकाला
  • सतपुली-पौड़ी मार्ग पर मलबा गिरने से हादसा टला, एसडीआरएफ ने एक ही परिवार के 06 लोगों को सकुशल निकाला
  • दून पुलिस का बड़ा खुलासा, राजपुर शोरूम चोरी कांड में महिला समेत दो आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार
  • मानसून से पहले जर्जर स्कूलों पर डीएम स्वाति एस. भदौरिया का सख्त एक्शन, असुरक्षित भवनों में कक्षाएं ना संचालित करने के दिए निर्देश
  • चमोली में चुनावी बिसात, गांवों की चौपालों से शुरू हुई सियासत
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.