कोटद्वार । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बिपिन कैंथोला ने नगर मण्डल कार्यालय में पत्रकार वार्ता की ।उन्होने पत्रकार वार्ता में बताया कि कृषक उत्पाद व्यापार व वाणिज्य संवर्धन एवं सरलीकरण विधेयक संसद से पास होने से स्पष्ट है की साफ नियत वाली मोदी सरकार के द्वारा देश के किसानों को नये विधेयक से कृषकों को अपनी कृषि उपज के विपणन की पूर्ण कीमत के निर्धारण की स्वतंत्रता प्रदान करते हैं।उन्होंने कहा कि किसानों को विपक्षियों द्वारा फैलाए गए दुष्प्रचार से भयभीत एवं भ्रमित नही होना चाहिए जो लोग राजनीति महत्वाकांक्षाओं के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष से पैसा स्वयं के लिए निकालें तथा चीन से भी पैसा ले लें ,ऐसे लोगों से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है।कृषि बिल में साफ यह स्पष्ट है कि किसानों की जमीन की बिक्री, लीज और गिरवी रखना पूरी तरह से निषिध्द है। करार फसलों का होना है न कि जमीनों का ।
इस विधेयक से बिचैलियों की व्यवस्था लगभग समाप्त हो जायेगी साथ ही कृषि फसल की कीमत के मामलों में बाजार की अनिश्चितता भी समाप्त होगी । किसान अपनी फसल बोने से पूर्व जो करार करेगा उसमें निर्धारित मूल्य ही उसे फसल तैयार होने पर प्राप्त होगा चाहे बाजार भाव कम ही क्यों न हो ऐसी सरकार की मंसा और नीयत है । किसान की इच्छा है कि वो चाहे तो अपनी फसल मंडी में बेचे या राज्य या राज्य के बाहर कहीं और बेचे। कुल मिलाकर उपरोक्त विधेयक किसानों को कृषि कार्य करने में पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान करते हैं और पहले की अपेक्षा कीमत निर्धारण करने की भी अधिक स्वतंत्रता प्रदान करते हैं । मोदी जी का मानना है कि इस देश का अन्नदाता हमारा किसान समृद्ध होना चाहिए.
उन्होने कहा कि यह फैसला कृषि क्षेत्र के उदारीकरण का फैसला है । साथ ही सही मायने में कहा जाए तो देश के प्रत्येक किशान की आजादी का फैसला है ।जब से देश आजाद हुआ किसानों को समृद्ध बनाने की बात 50 साल तक राज करने वाली कांग्रेस ने की लेकिन कभी किसानों के लिए सही कदम नही उठाया । यह बिल किसानों को उनके अधिकार प्रदान करता है कि वो अपने उत्पाद को अपने अनुसार बेच सके साथ ही यह बिल किसानों के भविष्य के लिए ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण साबित होगा । इस बिल का विरोध वो लोग कर रहे है जिन्होंने किसानों को अपने शासन व सरकार में कभी भी समृद्ध करने के बारे में न सोचा ना ही किसानों के भविष्य व उनके उद्धार के लिए कोई योजना बनाई ।आज दर्द केवल उनको है जो किसानों की लाचारी का फायदा उठाकर अपने घर भर रहे थे ।




Discussion about this post